शिमला में जनगणना-2027 के दूसरे और सबसे महत्वपूर्ण चरण की तैयारियां युद्ध स्तर पर शुरू हो गई हैं। शिमला के बचत भवन में उपायुक्त अनुपम कश्यप की अध्यक्षता में जिला, उपमंडल और तहसील स्तर के अधिकारियों के लिए तीन चरणों में गहन प्रशिक्षण शिविरों की श्रृंखला आयोजित की जा रही है। इस प्रशिक्षण का पहला चरण 11-12 अगस्त को पूरा हुआ, जबकि दूसरा चरण 13-14 अगस्त और तीसरा चरण 17 से 19 अगस्त 2026 तक संचालित होगा। इस दौरान अधिकारियों को जनसंख्या गणना के विभिन्न पहलुओं और तकनीकी मानकों से अवगत कराया जा रहा है।
सामान्यतः देश भर में जनसंख्या की गणना फरवरी महीने में की जाती है, लेकिन हिमाचल प्रदेश की कठिन भौगोलिक और मौसमी परिस्थितियों को देखते हुए राज्य के लिए विशेष शेड्यूल तय किया गया है। शिमला सहित राज्य के बर्फबारी वाले क्षेत्रों को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार ने हिमाचल के लिए यह विशेष चरण 1 सितंबर से 30 सितंबर 2026 तक आयोजित करने का निर्णय लिया है। इस दौरान प्रगणक घर-घर जाकर प्रत्येक व्यक्ति की आयु, लिंग, शिक्षा, रोजगार, प्रवास और परिवार की सामाजिक-आर्थिक स्थिति का सटीक ब्योरा प्रपत्र में दर्ज करेंगे।
इस बार की जनगणना प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल तकनीक से संचालित किया जा रहा है, जिससे आंकड़ों के संग्रहण, निगरानी और प्रबंधन में पारदर्शिता एवं सटीकता सुनिश्चित होगी। उपायुक्त अनुपम कश्यप ने अधिकारियों को पूरी निष्ठा और ईमानदारी से ड्यूटी करने के निर्देश दिए हैं ताकि कोई भी तथ्य छूटने न पाए। इसके साथ ही जिला प्रशासन ने आम जनता से भी अपील की है कि वे जनगणना कर्मियों को सही एवं पूर्ण जानकारी उपलब्ध करवाकर इस राष्ट्रीय कार्यक्रम को सफल बनाने में अपना सहयोग दें।
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