जिला स्तरीय नार्को समन्वय केंद्र की समीक्षा बैठक मंगलवार को उपायुक्त अनुपम कश्यप की अध्यक्षता में बचत भवन में आयोजित की गई। बैठक में जिले में नशे के बढ़ते प्रकोप और उससे निपटने के लिए उठाए गए कदमों की समीक्षा की गई।
उपायुक्त ने बताया कि जिले में पिछले तीन वर्षों के भीतर 900 से अधिक नशे से संबंधित मामले दर्ज किए गए हैं और 8 किलोग्राम हेरोइन जब्त की गई है। पुलिस विभाग ने इस दिशा में सराहनीय कार्य किया है।
उपायुक्त ने निर्देश दिए कि पंचायत स्तर पर सूचना तंत्र को और अधिक मजबूत बनाया जाए ताकि नशे के कारोबार से जुड़े लोगों की जानकारी तुरंत प्रशासन तक पहुँच सके। उन्होंने आम जनता से अपील की कि पुलिस या जिला प्रशासन को नशे के कारोबार की जानकारी गोपनीय रूप से उपलब्ध कराएं।
अब से पंचायतों में आयोजित ग्राम सभाओं के पहले घंटे में सभी विभागों के अधिकारी, कर्मचारी और शिक्षक मौजूद रहेंगे और नशे से जुड़े मुद्दों पर चर्चा कर जागरूकता फैलाएंगे। साथ ही, यह भी समझाया जाएगा कि जनता किस तरह शिकायत दर्ज करवा सकती है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजीव कुमार गांधी ने बैठक में कहा कि “आज नार्को टेरर समाज के लिए एक गंभीर खतरा बन चुका है। माता-पिता नशे को लेकर चिंतित हैं क्योंकि युवा न केवल नशा कर रहे हैं, बल्कि अपराधों में भी शामिल हो रहे हैं।”
उन्होंने कहा कि पुलिस सक्रिय रूप से कार्रवाई कर रही है, लेकिन जेल से रिहा होने के बाद आरोपी दोबारा इस अपराध में लिप्त हो जाते हैं। अंतर्राष्ट्रीय और अंतरराज्यीय गिरोहों का भी भंडाफोड़ किया गया है।
उपायुक्त ने बताया कि नार्को समन्वय केंद्र के तहत प्रशिक्षण, कार्यशालाओं और जागरूकता अभियानों के लिए बजट का प्रस्ताव सरकार को भेजा जाएगा।
जनवरी से दिसंबर 2024 के दौरान आबकारी विभाग ने कुल 462 मामले दर्ज किए और बड़ी मात्रा में अवैध शराब जब्त की:
-
7479 लीटर अंग्रेजी शराब
-
8669 लीटर बीयर
-
108319 लीटर देसी शराब
-
116 लीटर अवैध निर्मित शराब
इस महत्वपूर्ण बैठक में अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी (कानून एवं व्यवस्था) पंकज शर्मा, एडीएम (प्रोटोकॉल) ज्योति राणा, एसडीएम मुकेश शर्मा, डीएसपी अमित ठाकुर, जिला कल्याण अधिकारी कपिल शर्मा सहित कई अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।



