हिमाचल प्रदेश में व्यवस्थित और सतत शहरीकरण को बढ़ावा देने के लिए आज प्रदेश सरकार और नई दिल्ली के स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर के बीच एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। इस अवसर पर नगर एवं ग्राम नियोजन मंत्री राजेश धर्माणी ने इसकी अध्यक्षता की।
नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग की ओर से निदेशक हेमिस नेगी और स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर की ओर से निदेशक वीरेन्द्र कुमार पॉल ने एमओयू पर दस्तखत किए। इस सहयोग के तहत बिलासपुर, हमीरपुर और ऊना जिलों के लिए क्षेत्रीय स्तर पर विस्तृत कार्य योजनाएं विकसित की जाएंगी।
राजेश धर्माणी ने कहा कि यह कदम प्रदेश में शहरी विकास को सुव्यवस्थित ढंग से आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य में विकास की गति को देखते हुए नए शहरों का निर्माण अनिवार्य हो जाएगा।
उन्होंने बताया कि स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर, नई दिल्ली के तकनीकी सहयोग से, प्रदेश की भौगोलिक और पर्यावरणीय विशेषताओं को ध्यान में रखते हुए अनुसंधान आधारित योजनाएं तैयार की जाएंगी। यह पहल न केवल ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के बीच संतुलन बनाएगी, बल्कि शहरों पर बढ़ते दबाव को भी कम करने में मदद करेगी।



