हिमाचल प्रदेश राज्य सहकारी बैंक ने किया प्रैस वार्ता का आयोजन

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आक्षेप के लिए पुनरीक्षण प्राधिकारी नियुक्त

31 मार्च 2023 को समाप्त वित वर्ष 2022-23 के दौरान बैंक द्वारा प्राप्त उपलब्धियों के संबंध में हिमाचल प्रदेश राज्य सहकारी बैंक ने बैंक मुख्य कार्यालय शिमला में आज प्रैस वार्ता का आयोजन किया। इस वार्ता में बैंक के नव नियुक्त अध्यक्ष देवेंद्र श्याम ने उपस्थित पत्रकार बन्धुओं का बैंक की ओर से हार्दिक अभिनन्दन व स्वागत किया। उन्होंने प्रदेष के यषस्वी मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू जी का भी दिल की गहराईयों से आभार व्यक्त किया और कहा कि बतौर अध्यक्ष इस बैंक की जो जिम्मेदारी उन्हें सौंपी है उस दायित्व को पूरी निष्ठा, ईमानदारी व लग्न के साथ पूरा करने का भरसक प्रयास करेंगेे और प्रदेश सरकार द्वारा जो भी जन-कल्याण की योजनायें लाई जायेंगी बैंक के माध्यम से समाज के हर निम्न वर्ग तक उन योजनाओं का सही लाभ पहुंचाने की कोषिष करेंगे। उन्होंने आगे जानकारी देते हुए कहा कि आज की इस वार्ता का मुख्य उद्देष्य बैंक द्वारा 31 मार्च 2023 को समाप्त वित वर्ष 2022-23 के दौरान बैंक द्वारा प्राप्त उपलब्धियों को पत्रकार बन्धुओं के साथ सांझा कर इन्हें प्रदेष भर में अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाना है ताकि लोग इस बैंक से जुड़कर बैंक द्वारा चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं का पूरा लाभ उठा सकें।

उन्होंने इस बात का विषेष जिक्र किया कि यह बैंक आप सभी का अपना संस्थान है इस बैंक का प्रदेश के हर वर्ग से एक अपनत्व व भावनात्मक रिश जुड़ा हुआ है। बैंक अपने मूल मंत्र ‘‘ राज्य का बैंक – राज्य के लिए ’’ के सिद्धांत पर कार्य करते हुए प्रदेष की जनता की सेवा में सदैव तत्पर रहा है। बैंक द्वारा जो भी जमा पूंजी प्रदेष के लोगांे से बतौर जमाधन इकटठा की जाती है वह सारी पूंजी बैंक द्वारा प्रदेष के विकास व यहां के लोगों की ऋण आवष्यकताओं को पूरा करने में ही लगाई जाती है। आज यह बैंक प्रदेष के छः जिलों शिमला, बिलासपुर, मंड़ी, चम्बा, सिरमौर व किन्नौर में अपनी 217 शाखाओं व 23 विस्तार पटलों के माध्यम से प्रदेष के लोगों को उनके घर-द्वार पर ही बैंकिंग सेवायें उपलब्ध करवाने में प्रयासरत है। बैंक के साथ जुडे समस्त ग्राहकों ने जिस प्रकार अपना विष्वास और आत्मियता के साथ अपनी गाढ़ी कमाई इस बैंक में जमाधन के रूप में निवेष की है ठीक उसी प्रकार बैंक का सदैव यह प्रयास रहा है कि अपने बहुमूल्य ग्राहकों को उनके जमाधन पर अधिक से अधिक ब्याज का लाभ प्रदान किया जाए ताकि उनका बैंक पर विश्वास कायम कर इस रिष्ते को सही ढंग से संजोकर रखा जा सके। उन्होंने आगे कहा कि 31 मार्च 2023 को समाप्त वित वर्ष 2022-23 के दौरान बैंक ने अपने सकल व्यवसाय में अभूतपूर्व सफलता हासिल की है। इस अवधि के दौरान बैंक द्वारा प्राप्त उपलब्धियां मुख्यतः निम्न प्रकार से हैंः-

 बैंक के अपने जमाधन में 10.68 प्रतिषत की बढौतरी कर मु. 14,121.93 करोड़ का आंकड़ा छुने में सफलता प्राप्त की है जो गत वर्ष 2021-22 की तुलना में मु. 1362.67 करोड़ अधिक है। गत वर्ष यह आंकड़ा मु.12759.26 करोड़ था।

 ऋण वितरण में भी बैंक अब तक की सबसे अधिक 20.27 प्रतिषत की वृद्धि दर्ज कर अपने ऋण पोर्टफोलियो को मु. 8644.62 करोड़ के आंकड़े को छूने में कामयाब रहा। गत वर्ष यह आंकड़ा 7187.46 करोड़ था। बैंक ने जो ग्राहक मैत्री योजनायें आरम्भ की है समाज का हर वर्ग बैंक से अधिक से अधिक संख्या में जुड़ कर इन योजनाओं का पूरा लाभ उठा रहा है। चाहे आज कृषि ऋण की बात हो या गृह निर्माण ऋण, वाहन ऋण, षिक्षा ऋण, स्वरोजगार स्थापित करने हेतु ऋण से लेकर अन्य ऋण सुविधाओं की बात हो, आज बैंक के पास हर प्रकार के व्यवसाय हेतु ऋण योजनायें क्रियान्वित हैं ताकि समाज का हर वर्ग अपनी आष्यकता अनुसार इन योजनाओं का लाभ ले सके।

 चर्चा को आगे बढ़ाते हुए अध्यक्ष बैंक ने कहा कि जब हम बात लाभ-प्रदता की करते हैं तो स्वभाविक रूप से सबसे पहले मन में यही बात आती है कि बैंक का अपने ग्राहक समुदाय के साथ संवाद प्रगाढ़ है और उनका बैंक में विष्वास कायम है। इसी कड़ी को आगे बढाते हुए बैंक अपने अभी तक के इतिहास में मु. 303 करोड़ रूपये का रिकार्ड सकल लाभ अर्जित करने में कामयाब रहा। अगर हम पिछले साल के सकल लाभ की बात करें तो यह आंकड़ा मु. 233.77 करोड़ था इसी प्रकार वांछित प्रावधानों के बाद बंैक का शुद्ध लाभ मु. 177.55 करोड़ दर्ज हुआ है जो गत वर्ष मु. 121.62 करोड़ था। यह आंकड़े स्पष्ट रूप से इस बात के परिचायक हैं कि बैंक ने अपने कुषल प्रबन्धन, बेहतर नीति निर्धारण व परिश्रमी कार्यबल के बूते इस कामयाबी को प्राप्त किया है।

 इस अवसर पर बैंक के प्रबन्ध निदेषक श्री श्रवण मान्टा ने कहा कि आज के बैंकिंग परिवेष मंे एन.पी.ए. एक प्रमुख मापदंड़ के रूप में उभर कर सामने आया है। किसी भी बैंक की वितीय स्थिति का अंदाजा उसके एन.पी.ए. से सहज लगाया जा सकता है। आज देष के अधिकतर बैंक उच्च एन.पी.ए. से जूझ रहे हैं। बैंक ने इस वित वर्ष के दौरान ऋण वसूली को प्रभावी ढंग से क्रियान्वित कर अपने सकल एन.पी.ए. को नियंत्रित करने मंे काफी हद तक सफलता प्राप्त की है। आज बैंक ने अपने सकल एन.पी.ए. में 1.98 प्रतिषत की कमी कर इसे 7 प्रतिषत से नीचे लाने में सफलता हासिल की। आज बैंक का सकल एन.पी.ए. 6.92 प्रतिषत है इसी प्रकार शुद्ध एन.पी.ए. 2.12 प्रतिषत पर आ गया है। यह आंकड़े बंैक की मजबूत वितीय स्थिति के परिचायक हैं।

 प्रबन्ध निदेषक ने आगे कहा कि आज का समय टैक्नोलाॅजी का समय है। जिस भी संस्थान ने इस क्षेत्र में समय रहते प्रयास नहीं किए उन्हें या तो व्यवसाय जोखिम से जुझना पड़ रहा है या उनकी वितीय स्थिति पर विपरीत प्रभाव पड़ा है। इस दिषा में बैंक ने समयानुसार कदम उठाकर अपनी बैंकिंग प्रणाली में तकनीकि समावेष को प्राथमिकता दी। आज उन्हीं प्रयासों के बल पर बैंक अपने ग्राहकों को हर प्रकार की आधुनिक बैंकिंग सुविधायें प्रदान करने में सफल रहा है। आज बैंक यू.पी.आई. आधारित सभी प्रकार की बैंकिंग सेवायें, आर.टी.जी.एस/एन.ई.एफ.टी, डी.बी.टी. पी.एफ.एम.एस और ‘‘हिमपैसा’’ नामक मोबाईल बैंकिंग जैसी डिजिटल सेवायें भी उपलब्ध करवा रहा है।

 आज बैंक का सी.आर.ए.आर. भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा तय 9 प्रतिषत के मानक से कहीं उपर 18.41 प्रतिषत है जो बैंक की मजबूत वितीय स्थिति को दर्षाता है।

 इसी प्रकार बैंक का सी.डी. अनुपात राष्ट्र्ीय बेंचमार्क 60 प्रतिषत को पार कर 61 प्रतिषत पर पहुंच गया है। प्रबन्ध निदेषक ने बैंक द्वारा वित 2023-24 के लिए तय भावी योजनाओं की जानकारी देते हुए कहा कि बैंक का प्रथम प्रयास अपने ग्राहकों को नैट बैंकिंग की सुविधा उपलब्ध करवाना है। इस दिषा में बैंक ने भारतीय रिजर्व बंैक से लाईसेंस प्राप्त कर लिया है और शीघ्र ही बैंक इस सुविधा को अपने ग्राहकों को प्रदान करना आरम्भ कर देगा। इस सुविधा के आरम्भ होने से प्रदेष का व्यवसाई व युवा वर्ग अधिक से अधिक संख्या में बैंक से जुड़ेगा।  दूसरी प्राथमिकता बैंक द्वारा अपने तकनीकी आधार को और सुदृढ़ और सुरक्षित करने की दिषा में है। वर्तमान घटनाक्रम में आये दिन साइबर अपराध की घटनायें घटित हो रही हैं। ऐसे में किस प्रकार से बैंक अपने ग्राहकों का पैसा सुरक्षित रख सकता है इसी दिषा में बैंक ने स्तरोन्नित के साथ-2 उच्च तकनीक आधारित प्रणाली को बैंक में अपनाने बारे प्रक्रिया आरम्भ कर दी है और इसे चरणबद्ध ढंग से अपनी कार्य-प्रणाली में संचालित किया जाएगा।

 बैंक चालू वित वर्ष के अंदर अपने प्रषिक्षण संस्थान सांगटी में एफ.पी.ओ. अकादमी स्थापित करने जा रहा है और इस बारे में बैंक को नाबार्ड द्वारा सैद्धांतिक स्वीकृति मिल चुकी है और आगे की प्रक्रिया अमल में लाई जा रही है। बैंक के लिए यह भी खुषी की बात है कि यह अकादमी पूरे देष में अपने आप में पहली एफ.पी.ओ. अकादमी होगी ।

 बैंक प्रबन्धन ने चालू वित वर्ष को कृषि सहकारी वर्ष के रूप में प्रमुखता से कार्य करने हेतु चयनित किया है ताकि अधिक से अधिक सहकारी सभाओं को बतौर डिपाजिट मोबलाईजिंग एजेंट व बहु उद्देषीय सेवा केंद्रो के रूप में विकसित कर उनकी आर्थिक को मजबूती प्रदान करना होगा। इस कदम से जहां एक ओर इन सहकारी सभाओं को व्यवसाय के नए क्षेत्र उपलब्ध होंगे वहीं दूसरी ओर उन्हें आय अर्जन के भी अवसर प्राप्त होंगे। चालू वित वर्ष 2023-24 के लक्ष्यों का जिक्र करते हुए प्रबन्ध निदेषक ने जानकारी दी कि साल 2023-24 के लिए बैंक ने नए व्यवसाय लक्ष्य निर्धारित कर लिए हैं। इसी कड़ी में बैंक ने अपने सकल व्यवसाय हेतु 25000 करोड़ का लक्ष्य निर्धारित किया है। जमाधन लक्ष्य मु. 15000 करोड़ और ऋण व अग्रिम हेतु मु. 10000 करोड़ लक्ष्य तय किया है साथ ही अपनी प्रभावी वसूली प्रकिया के बल पर अपने सकल एन.पी.ए. को 6 प्रतिषत से नीचे लाने का प्रयास किया जाएगा।

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