मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने आज इंदिरा गांधी चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल (आईजीएमसी) शिमला में 28.44 करोड़ रुपये की लागत से स्थापित अत्याधुनिक रोबोटिक सर्जरी सुविधा का शुभारंभ किया। इसके साथ ही प्रदेश के मरीजों को अब अपने नजदीकी सरकारी अस्पताल में ही उन्नत और सटीक सर्जिकल उपचार उपलब्ध होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शिमला के चमियाना, कांगड़ा के टांडा स्थित डॉ. राजेंद्र प्रसाद राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय टांडा तथा मंडी के नेरचौक स्थित लाल बहादुर शास्त्री राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय नेरचौक में रोबोटिक सर्जरी सुविधा के बाद अब आईजीएमसी में भी यह सुविधा शुरू कर दी गई है।
उन्होंने बताया कि रोबोटिक सर्जरी के माध्यम से जनरल सर्जरी, गैस्ट्रो सर्जरी, ऑन्कोलॉजी और गायनेकोलॉजी जैसे क्षेत्रों में अधिक सटीक और उन्नत ऑपरेशन संभव होंगे। इस तकनीक से सर्जरी के दौरान छोटा चीरा लगाया जाता है, जिससे मरीज जल्दी स्वस्थ हो सकेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी अस्पतालों में रोबोटिक सर्जरी सुविधा उपलब्ध करवाना उत्तर भारत में एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने जानकारी दी कि अगले एक महीने के भीतर हमीरपुर चिकित्सा महाविद्यालय में भी रोबोटिक सर्जरी मशीन स्थापित की जाएगी। इसके अलावा कुल्लू सहित दूरदराज के क्षेत्रों के प्रमुख अस्पतालों में भी यह सुविधा शुरू करने की योजना पर विचार किया जा रहा है।
प्रदेश सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। इसी क्रम में आईजीएमसी, चमियाना और टांडा चिकित्सा महाविद्यालयों में उन्नत मेडिकल लैब स्थापित की जा रही हैं। आईजीएमसी में अत्याधुनिक 3-टेस्ला एमआरआई मशीन भी स्थापित की जा चुकी है, जिससे मरीजों को बेहतर जांच सुविधा मिल रही है।
सरकार ने रोबोटिक सर्जरी के लिए शुल्क भी निर्धारित किया है। स्पेशल वार्ड में ऑपरेशन कराने पर 50,000 रुपये तथा सामान्य वार्ड के लिए 30,000 रुपये शुल्क तय किया गया है।



