शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने कहा कि प्रदेश सरकार खेल प्रतिभाओं को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए आधुनिक खेल ढांचा विकसित कर रही है। उन्होंने बताया कि हिमाचल का लक्ष्य राष्ट्रीय खेलों में 100 पदक हासिल करना है।
वे शनिवार को शिमला स्थित राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय (पोर्टमोर) में हिमाचल स्कूल स्पोर्ट्स एसोसिएशन द्वारा आयोजित पुरस्कार वितरण समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने 69वें राष्ट्रीय स्कूल खेलों तथा विभिन्न अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को सम्मानित किया।
उन्होंने बताया कि प्रदेश में वर्तमान में 11 स्पोर्ट्स हॉस्टल कार्यरत हैं तथा चौपाल और शिलाई में नए हॉस्टल जल्द शुरू किए जाएंगे। साथ ही 14 कोचों की भर्ती प्रक्रिया जारी है और हॉस्टलों में कुराश, ठोडो एवं कराटे जैसी नई खेल विधाओं को भी शामिल किया जा रहा है।
रोहित ठाकुर ने कहा कि पिछले वर्ष खिलाड़ियों ने 48 पदक हासिल किए थे, जबकि इस वर्ष 100 पदकों का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। खिलाड़ियों की डाइट मनी 120 रुपये से बढ़ाकर 240 रुपये कर दी गई है, और राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए सहायता राशि को बढ़ाकर 500 रुपये प्रतिदिन करने की योजना है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों की प्रोत्साहन राशि 10 लाख से बढ़ाकर 25 लाख रुपये कर दी गई है।
उन्होंने बताया कि खेल कोटे के तहत अब तक 100 से अधिक खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी प्रदान की जा चुकी है और इस प्रक्रिया को और अधिक प्रभावी बनाया जा रहा है।
शिक्षा मंत्री ने कहा कि राज्य में 150 पीएम श्री विद्यालयों में म्यूजिक टीचरों की नियुक्ति की जाएगी। वर्ष 2027 तक 10 हजार शिक्षकों एवं प्राध्यापकों की भर्ती का लक्ष्य रखा गया है, जिनमें से लगभग 8 हजार नियुक्तियां पूरी हो चुकी हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि हिमाचल प्रदेश ने वर्ष 2025 में 99.30 प्रतिशत साक्षरता दर हासिल कर पूर्ण साक्षर राज्यों की श्रेणी में स्थान प्राप्त किया है।
इस बीच, निदेशक स्कूल शिक्षा आशीष कोहली ने बताया कि प्रदेश में खिलाड़ियों को आधुनिक प्रशिक्षण, बेहतर स्पोर्ट्स हॉस्टल सुविधाएं और डिजिटल भुगतान प्रणाली उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि हिमाचल से 2030 कॉमनवेल्थ और ओलंपिक के लिए अधिक खिलाड़ी तैयार करने का लक्ष्य है।
समारोह में अंडर-19 हैंडबॉल, कबड्डी सहित विभिन्न खेलों के विजेता खिलाड़ियों को स्वर्ण, रजत और कांस्य पदकों से सम्मानित किया गया।
हिमाचल स्कूल स्पोर्ट्स एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने कहा कि इस आयोजन का उद्देश्य खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ाना और उन्हें भविष्य में बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित करना है।



