नगर निकाय हार से हताश भाजपा: नरेश चौहान का वार

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शिमला से 26 मई, 2026 को जारी बयान में मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार (मीडिया) नरेश चौहान ने भाजपा द्वारा आचार संहिता उल्लंघन को लेकर लगाए गए आरोपों को पूरी तरह निराधार करार देते हुए कहा कि नगर निकाय चुनावों में मिली करारी हार से विपक्ष हताश और बौखलाया हुआ है।

पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि भाजपा बिना तथ्यों के आधार पर सरकार पर झूठे आरोप लगा रही है, जबकि स्वयं अपने कार्यकाल के दौरान आचार संहिता के बीच मंत्रिमंडल बैठकें आयोजित कर चुकी है। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के कार्यकाल में पंचायत चुनावों के दौरान आचार संहिता लागू रहने के बावजूद मंत्रिमंडल की बैठकें हुई थीं। इसी तरह पूर्व में प्रो. प्रेम कुमार धूमल और वीरभद्र सिंह के कार्यकाल में भी आचार संहिता अवधि के दौरान कैबिनेट बैठकें आयोजित होने के रिकॉर्ड मौजूद हैं।

नरेश चौहान ने स्पष्ट किया कि हाल ही में आयोजित मंत्रिमंडल बैठक में किसी नई योजना की घोषणा नहीं की गई, बल्कि केवल पहले से स्वीकृत प्रावधानों और योजनाओं से जुड़े निर्णय लिए गए। उन्होंने कहा कि इंदिरा गांधी प्यारी बहना सुख सम्मान निधि योजना के तहत पात्र महिलाओं को पहले से ही ₹1500 प्रतिमाह सहायता दी जा रही है, जो राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में लागू है। मानदेय बढ़ोतरी से संबंधित निर्णय भी बजट प्रावधानों के अनुरूप था।

उन्होंने नगर निकाय चुनाव परिणामों को कांग्रेस के पक्ष में बताते हुए कहा कि भाजपा के सभी गुटों को जनता ने स्पष्ट संदेश दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा नेता मीडिया में आधारहीन बयान देकर अपनी हार की निराशा छिपाने का प्रयास कर रहे हैं।

नरेश चौहान ने कहा कि आगामी पंचायतीराज चुनावों में भी जनता कांग्रेस के पक्ष में जनादेश देगी। उन्होंने यह भी कहा कि यदि बैलेट पेपर पर हुए चुनाव परिणामों को देखा जाए तो भाजपा की हार और स्पष्ट दिखाई देती है।

उन्होंने केंद्र सरकार पर हिमाचल के हितों की अनदेखी का आरोप लगाते हुए कहा कि आपदा राहत, जीएसटी और राजस्व घाटा अनुदान जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर प्रदेश को अपेक्षित सहयोग नहीं मिला। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा घोषित आपदा राहत राशि भी अभी तक पूरी तरह प्राप्त नहीं हुई है।

शिक्षा क्षेत्र का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने सीबीएसई स्कूलों की शुरुआत, अंग्रेजी माध्यम शिक्षा और राजीव गांधी डे-बोर्डिंग स्कूलों के माध्यम से शिक्षा व्यवस्था में सुधार किया है। स्वास्थ्य क्षेत्र में भी रोबोटिक सर्जरी की शुरुआत और लगभग ₹3000 करोड़ के आधुनिक उपकरणों की खरीद से बड़ा बदलाव लाया गया है।

नशे के खिलाफ अभियान का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में चिट्टा के खिलाफ निर्णायक लड़ाई शुरू की गई है, जिसमें समाज की भागीदारी भी लगातार बढ़ रही है।

अंत में उन्होंने कहा कि भाजपा की कथनी और करनी में बड़ा अंतर है और देश में बढ़ती महंगाई व बेरोजगारी जैसे मुद्दों से जनता परेशान है। उन्होंने कहा कि जनता का बढ़ता असंतोष ही नए राजनीतिक विकल्पों को जन्म दे रहा है, जबकि कांग्रेस सरकार जनहित के मुद्दों पर लगातार काम कर रही है।

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Nurturing Creativity – Keekli Charitable Trust, Shimla

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