उपायुक्त अनुपम कश्यप की अध्यक्षता में आज जिला स्तरीय वाटर एंड सेनिटेशन मिशन की बैठक जल जीवन मिशन के तहत आयोजित की गई। बैठक में जिले में पेयजल योजनाओं की प्रगति और जल गुणवत्ता की निगरानी पर विस्तार से चर्चा की गई।
उपायुक्त ने निर्देश दिए कि जिले में पेयजल स्रोतों की टेस्टिंग नियमित रूप से की जाए ताकि लोगों को स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध हो सके। उन्होंने बताया कि जिले में कुल 3055 पेयजल स्रोत हैं, जिनमें से अब तक 18,985 सैंपल लिए जा चुके हैं। जिला के 2536 गांवों में फील्ड टेस्ट किट वितरित की गई हैं, लेकिन इनमें से केवल 19 प्रतिशत लक्ष्य ही पूरा हो पाया है।
बैठक में बताया गया कि जल जीवन मिशन के तहत जिले में कुल 264 योजनाएं हैं, जिनमें से 203 योजनाएं भौतिक रूप से पूरी हो चुकी हैं, जबकि 114 योजनाएं वित्तीय रूप से पूर्ण हुई हैं। इसके अलावा 61 योजनाओं पर कार्य जारी है और 89 योजनाएं वित्तीय रूप से अभी खुली हैं।
हर घर जल योजना के तहत जिले के 13 ब्लॉकों में से अभी तक केवल 4 ब्लॉकों को सर्टिफाइड किया गया है। वहीं, चिन्हित 412 पंचायतों में से 234 पंचायतों को और 2536 चिन्हित गांवों में से 1621 गांवों को योजना के तहत प्रमाणित किया जा चुका है।
एफएचटीसी (Functional Household Tap Connection) के तहत जिले में कुल 1,72,266 घरेलू नल कनेक्शन हैं और इस योजना के अंतर्गत जिले में 100 प्रतिशत कवरेज हासिल कर लिया गया है।
उपायुक्त ने कहा कि जिले में निर्माणाधीन बड़ी योजनाएं जो अंतिम चरण में हैं, उन्हें पूरा करने के लिए अतिरिक्त बजट उपलब्ध करवाया जाएगा। इसके लिए विभाग को विस्तृत रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने यह भी बताया कि रूरल पाइप्ड वाटर सप्लाई जैसी छोटी योजनाओं को जल जीवन मिशन-2 के तहत मर्ज किया जाएगा, जिससे योजनाओं की संख्या कम होगी और इनके लिए अलग आईडी जारी की जाएगी।



