उपायुक्त अनुपम कश्यप की अध्यक्षता में मंगलवार को बचत भवन में जिला स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें विभिन्न बैंकिंग और सरकारी योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई।
बैठक में विभिन्न क्षेत्रों से संबंधित विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की गई। उपायुक्त ने कहा कि केंद्र व राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ बैंकों के माध्यम से अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचना चाहिए। उन्होंने वित्तीय साक्षरता को अत्यंत आवश्यक बताते हुए कहा कि इससे लोग न केवल स्वरोजगार को सशक्त बना रहे हैं, बल्कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिल रही है।
उन्होंने सभी बैंकों को निर्देश दिए कि विभिन्न योजनाओं के तहत लंबित आवेदनों की औपचारिकताएं जल्द से जल्द पूरी कर उनका निपटारा सुनिश्चित करें।
बैठक में जानकारी दी गई कि जिले में 48 बैंकों की 390 शाखाएं और 336 एटीएम कार्यरत हैं, जिनमें से 271 शाखाएं ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित हैं। जिले का ऋण-जमा अनुपात 46.88 प्रतिशत तक पहुंच गया है। वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए वार्षिक ऋण योजना का 43.27 प्रतिशत लक्ष्य हासिल किया जा चुका है।
किसान क्रेडिट कार्ड योजना के तहत 50,000 के लक्ष्य के मुकाबले 94,441 कार्ड जारी किए गए हैं, जिनमें से 49,149 लाभार्थियों को रूपे कार्ड प्रदान किए जा चुके हैं। इसके अलावा, जिले में 184 स्वयं सहायता समूहों को 5.70 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता दी गई है।
प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP) के तहत 84 मामलों को मंजूरी दी गई है। प्रधानमंत्री जन धन योजना के अंतर्गत 31 दिसंबर 2025 तक जिले में 1,96,314 बैंक खाते खोले गए हैं, जिनमें से 22,943 खाते शून्य बैलेंस वाले हैं। साथ ही 1,32,664 रूपे कार्ड जारी किए जा चुके हैं।
इसके अतिरिक्त, रूरल सेल्फ एम्प्लॉयमेंट ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट (RSETI) के माध्यम से 655 लोगों को प्रशिक्षण प्रदान किया गया, जिससे रोजगार और कौशल विकास को बढ़ावा मिला है।



