प्रदेश के शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने रविवार को जुब्बल में आयोजित तीन दिवसीय जिला स्तरीय रामपुरी जातर मेले के समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। इस दौरान स्थानीय लोगों और मेला समिति ने पारंपरिक वाद्य यंत्रों एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ उनका भव्य स्वागत किया।
शिक्षा मंत्री ने सफल आयोजन के लिए मेला समिति और आयोजकों को बधाई देते हुए कहा कि जुब्बल अपनी समृद्ध लोक संस्कृति, परंपराओं और देव आस्था के लिए विशेष पहचान रखता है। उन्होंने कहा कि मेले और त्योहार हमारी सांस्कृतिक विरासत के संवाहक हैं, जिन्हें आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।
उन्होंने बताया कि रामपुरी जातर मेला क्षेत्र के आराध्य देवता शाड़ी बनाड़ के सम्मान में प्रतिवर्ष आयोजित किया जाता है, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु भाग लेकर देव आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। मेले के सांस्कृतिक कार्यक्रम स्थानीय लोक कला, संगीत और परंपराओं को जीवंत बनाए रखने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं।
रोहित ठाकुर ने युवाओं से अपनी भाषा, बोली, लोकगीत और लोक संस्कृति को अपनाने और संरक्षित रखने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने रामपुरी, राथल, महासू, शवाल और रिहाली खनेटी मेलों को जिला स्तरीय मेले का दर्जा देकर सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण को बढ़ावा दिया है।
उन्होंने कहा कि जुब्बल-नावर-कोटखाई विधानसभा क्षेत्र में विकास कार्य तेज़ी से आगे बढ़ रहे हैं। ग्राम पंचायत पराली के डकैड़ में स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ एजुकेशनल मैनेजमेंट एंड ट्रेनिंग (SIEMAT) का निर्माण तेजी से किया जा रहा है, जो प्रदेश में शैक्षिक प्रबंधन, प्रशिक्षण और अनुसंधान को नई दिशा देगा।
शिक्षा मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है और इसी उद्देश्य से शिक्षकों एवं गैर-शिक्षक कर्मचारियों के हजारों रिक्त पद भरे जा चुके हैं।
उन्होंने बताया कि विधानसभा क्षेत्र में लोक निर्माण विभाग के माध्यम से लगभग 550 करोड़ रुपये के विकास कार्य प्रगति पर हैं। आईटीआई जुब्बल में 11 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित शहरी आजीविका केंद्र जनता को समर्पित किया जा चुका है, जबकि रामपुरी मेला मैदान तक सड़क का पक्कीकरण भी पूरा हो चुका है।
रोहित ठाकुर ने कहा कि अपने गृह क्षेत्र के इस ऐतिहासिक मेले में शामिल होकर तथा आराध्य देवता शाड़ी बनाड़ का आशीर्वाद प्राप्त कर वे स्वयं को सौभाग्यशाली महसूस कर रहे हैं। उन्होंने पुराना जुब्बल स्थित पीढ़ी माता मंदिर में भी माथा टेका और मेला समिति को 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की।



