सरकार की नीतियों से प्रदेश को नुकसान : जयराम

Date:

Share post:

विधानसभा सत्र के समापन के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने राज्य सरकार पर सदन में गलत आंकड़े पेश करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा दिए गए जवाब में तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर प्रस्तुत किया गया। भाजपा ने अपने पक्ष को रखने के लिए समय मांगा, लेकिन अवसर नहीं दिया गया, जिसके चलते पार्टी विधायकों को सदन के वेल में आकर नारेबाजी करनी पड़ी। इसके बावजूद उनका पक्ष नहीं सुना गया।

जयराम ठाकुर ने कहा कि सत्ता पक्ष लगातार यह दावा कर रहा है कि आरडीजी (राजस्व घाटा अनुदान) खैरात नहीं, बल्कि अधिकार है, जबकि मुख्यमंत्री और विधायक अलग-अलग मंचों पर भिन्न-भिन्न आंकड़े पेश कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री वित्त विभाग की प्रस्तुति से इतर आंकड़े पढ़ रहे हैं, जिससे सदन को गुमराह किया जा रहा है।

नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि 15वें वित्त आयोग के समक्ष उनकी सरकार ने हिमाचल के हित में ठोस और तर्कसंगत पक्ष रखा था। उन्होंने दावा किया कि तत्कालीन केंद्र सरकार, जिसका नेतृत्व नरेंद्र मोदी कर रहे हैं, से हिमाचल को उचित सहयोग मिला क्योंकि राज्य की समस्याओं को प्रभावी ढंग से उठाया गया। उन्होंने कहा कि भाजपा आज भी अपने उस पक्ष पर कायम है। यदि हिमाचल को राजस्व घाटा अनुदान नहीं मिला है तो इसके लिए वर्तमान मुख्यमंत्री और उनकी सरकार जिम्मेदार है, जो राज्य के हितों की प्रभावी पैरवी नहीं कर पा रही।

जयराम ठाकुर ने आरोप लगाया कि कांग्रेस की राजनीति के कारण प्रदेश को आर्थिक नुकसान हो रहा है और सरकार को हठधर्मिता छोड़कर हिमाचल के हित में काम करना चाहिए। उन्होंने कहा कि भाजपा सदैव राज्य के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध रही है।

इस दौरान भाजपा विधायकों ने नेता प्रतिपक्ष के नेतृत्व में विधानसभा परिसर में सरकार की विद्युत नीतियों के विरोध में नारेबाजी की। उन्होंने सरकार पर हिमाचल के संसाधनों को बेचने, जनता की सुविधाएं छीनने, गलत आंकड़े प्रस्तुत करने और सदन को गुमराह करने के आरोप लगाए।

HPBOCWWB अध्यक्ष ने की कार्यों की समीक्षा

Daily News Bulletin

Nurturing Creativity – Keekli Charitable Trust, Shimla

Related articles

Primary Schools Issue: Govt Forms High-Level Panel

The Himachal Pradesh Education Department has set up a high-level committee to review the objections raised by the...

मुंशी प्रेमचंद: कलम से क्रांति तक

डॉ. कमल के. प्यासा - मण्डी उपन्यास सम्राट, समाज सुधारक, नेक एवं कुशल अध्यापक, संपादक, प्रकाशक के साथ-साथ स्वाधीनता...

Shimla’s Sealed Roads Open Up With Lower Fees

The Himachal Pradesh Government has introduced the Shimla Road Users and Pedestrians (Public Safety and Convenience) Amendment Ordinance,...

Himachal Mineral Revenue Jumps 70% in Three Years

CM Sukhu has said that revenue generated from mineral extraction in Himachal Pradesh has increased by 70 percent...