जिला शिमला के सभी 12 एसडीएम 29 मार्च 2026 को अपने-अपने क्षेत्रों में आपदा राहत पैकेज के तहत लाभार्थियों के घरों का निरीक्षण करेंगे। उपायुक्त शिमला अनुपम कश्यप के निर्देशानुसार, प्रत्येक एसडीएम के लिए यह अनिवार्य है कि वे पूरी तरह क्षतिग्रस्त घरों का स्वयं मौके पर जाकर निरीक्षण करें और निरीक्षण के दौरान घरों की फोटोग्राफ और डिटेल रिपोर्ट उपायुक्त कार्यालय को प्रेषित करें। यह आदेश आपदा राहत पैकेज 2023 और 2025 की समीक्षा के दौरान जारी किया गया। उपायुक्त ने कहा कि प्रभावितों को वित्तीय सहायता प्रदान की जा चुकी है, लेकिन कई घरों का निर्माण अभी पूरा नहीं हुआ है। पटवारियों को निरीक्षण रिपोर्ट सही ढंग से फील्ड बुक में दर्ज करनी होगी और यदि किसी ने रिपोर्ट तैयार नहीं की तो कार्रवाई की जाएगी। निर्माण कार्य से पहले और दौरान साइट की फोटो भी राजस्व कार्यालय में साझा करना आवश्यक है। ऐसे मामलों की भी जांच की जाएगी जहां पूर्ण रूप से क्षतिग्रस्त घर दिखाए गए लेकिन असल में आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त थे। 10 अप्रैल 2026 को सभी राजस्व अधिकारियों की बैठक आयोजित कर विभागीय कार्यों की समीक्षा की जाएगी। आपदा राहत पैकेज 2023 में कुल 405 पूर्ण रूप से क्षतिग्रस्त और 2149 आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त घरों के लाभार्थियों को सहायता दी गई है, जबकि 2025 पैकेज में 115 पूर्ण और 725 आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त घरों के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की गई। निरीक्षण का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सभी लाभार्थियों को सहायता सही ढंग से और नियमों के अनुसार मिले।



