शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर की अध्यक्षता में गत दिवस तहसील टिक्कर में रोगी कल्याण समिति टिक्कर की बैठक आयोजित की गई। बैठक के दौरान उन्होंने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र टिक्कर में संचालित गतिविधियों की विस्तृत समीक्षा की। इस अवसर पर खंड चिकित्सा अधिकारी सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक में समिति के सदस्य सचिव डॉ. राहुल रांटा ने वित्तीय वर्ष 2024-25 एवं 2025-26 के दौरान समिति की आय-व्यय का विवरण प्रस्तुत किया तथा भविष्य में प्रस्तावित योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वित्तीय वर्ष 2024-25 में कुल 5,92,289 रुपये स्वीकृत हुए, जिनमें से 4,10,916 रुपये व्यय किए गए। इसी प्रकार वित्तीय वर्ष 2025-26 में अब तक 8,12,692 रुपये स्वीकृत हुए हैं, जबकि 3,36,176 रुपये व्यय किए जा चुके हैं।
बैठक में अस्पताल में मरीजों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए आवश्यक उपकरणों एवं मशीनों की स्थिति में सुधार तथा उनकी संख्या बढ़ाने पर विस्तार से चर्चा की गई। स्वास्थ्य सेवाओं को और प्रभावी बनाने हेतु विभिन्न उपकरणों एवं सामग्रियों की खरीद को स्वीकृति प्रदान की गई। इसके अतिरिक्त अस्पताल की स्वच्छता व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए दैनिक मजदूरी पर एक सफाई कर्मी की नियुक्ति को भी मंजूरी दी गई, जिसका पारिश्रमिक 53 रुपये प्रति घंटा निर्धारित किया गया है, जिसमें प्रतिदिन 4 घंटे कार्य समय होगा।
बैठक में रोगी कल्याण समिति के अंतर्गत कार्यरत लैब तकनीशियन के मानदेय में वृद्धि को भी स्वीकृति दी गई। पूर्व में 9,270 रुपये प्रतिमाह दिए जा रहे मानदेय को अधिसूचना के अनुरूप बढ़ाकर 14,400 रुपये प्रतिमाह (480 रुपये प्रतिदिन) कर दिया गया है।
इन निर्णयों से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र टिक्कर में मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध होंगी तथा संस्थान की कार्यप्रणाली और अधिक सुदृढ़ होगी। शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने बैठक में उपस्थित सदस्यों से संवाद करते हुए कहा कि टिक्कर क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने की दिशा में निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि वर्तमान में विभिन्न चिकित्सक अपनी सेवाएं दे रहे हैं, जिससे स्थानीय नागरिकों को सीधा लाभ मिल रहा है।
शिक्षा मंत्री ने अस्पताल के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को रोगी कल्याण समिति द्वारा अर्जित धनराशि का संतुलित और विवेकपूर्ण उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने सर्दी के मौसम को ध्यान में रखते हुए मरीजों की सुविधा के लिए बिजली हीटर, कंबल आदि की समुचित व्यवस्था करने तथा पानी की टंकियों को साफ एवं सुरक्षित रखने के निर्देश भी दिए, ताकि रोगियों और उनके परिजनों को स्वच्छ एवं शुद्ध पेयजल उपलब्ध हो सके।


