उपायुक्त शिमला अनुपम कश्यप ने स्पष्ट किया है कि जिला शिमला में घरेलू गैस, पेट्रोल और डीजल की कोई कमी नहीं है तथा इनकी आपूर्ति नियमित रूप से जारी है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि घबराहट में आकर इन वस्तुओं का अनावश्यक भंडारण न करें, क्योंकि इससे कृत्रिम कमी पैदा हो सकती है।
उपायुक्त ने गुरुवार को जिले के सभी उपमंडल दंडाधिकारियों (एसडीएम) के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से गैस, पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति की स्थिति की समीक्षा की। बैठक में तेल विपणन कंपनियों के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे।
उन्होंने बताया कि वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए एलपीजी आपूर्ति को लेकर कुछ एहतियाती कदम उठाए गए हैं। फिलहाल वाणिज्यिक एलपीजी सिलेंडर की आपूर्ति प्राथमिकता के आधार पर अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थानों को की जा रही है। अन्य वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों को अस्थायी रूप से आपूर्ति में सीमितता का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे प्रतिष्ठान वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर मिट्टी तेल या कोयले की मांग जिला नियंत्रक, खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग, शिमला के कार्यालय में दर्ज करवा सकते हैं, ताकि आवश्यकतानुसार आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके।
उन्होंने कहा कि जिले में घरेलू एलपीजी सिलेंडर, पेट्रोल और हाई स्पीड डीजल का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और नियमित आपूर्ति जारी है। साथ ही उन्होंने बताया कि घरेलू एलपीजी सिलेंडर की बुकिंग वर्तमान दिशा-निर्देशों के अनुसार 25 दिनों के अंतराल के बाद ही की जा सकेगी।
उपायुक्त ने सभी एसडीएम को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में पेट्रोल पंप और गैस एजेंसियों के साथ नियमित बैठक कर स्थिति की निगरानी करें। इसके अलावा होटल, रेस्टोरेंट और अन्य वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों में घरेलू एलपीजी सिलेंडर के उपयोग की जांच भी सुनिश्चित की जाए। पेट्रोल पंपों पर स्टॉक और आरक्षित कोटा की नियमित जांच करने तथा क्षेत्र में मिट्टी तेल की आवश्यकता का आकलन करने के भी निर्देश दिए गए।
उन्होंने यह भी कहा कि पेट्रोल और डीजल को कैन में देने पर रोक सुनिश्चित की जाए, ताकि इनका अनावश्यक भंडारण न हो सके। उपायुक्त ने सभी नागरिकों से शांति बनाए रखने और प्रशासन का सहयोग करने की अपील की।



