विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर शिमला में एक दिवसीय प्रशिक्षण एवं कार्यशाला का आयोजन किया गया, जिसमें शिमला, सोलन और सिरमौर जिलों के निर्वाचन अधिकारियों, सहायक अधिकारियों और आईटी स्टाफ ने भाग लिया। कार्यशाला की अध्यक्षता उपायुक्त एवं जिला निर्वाचन अधिकारी अनुपम कश्यप ने की।
उपायुक्त ने कहा कि एसआईआर एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया है, जिसके लिए सभी अधिकारियों को इसके तकनीकी पहलुओं को गहराई से समझना आवश्यक है, ताकि किसी भी प्रकार की त्रुटि न हो। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय और राज्य स्तर पर पहले ही प्रशिक्षण आयोजित किए जा चुके हैं और अब इसे जमीनी स्तर तक लागू किया जा रहा है।
उन्होंने जानकारी दी कि शिमला जिले में वर्ष 2002 से 2025 तक मतदाता सूचियों के मिलान में 98 प्रतिशत सटीकता पाई गई है। साथ ही अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि हर पात्र मतदाता तक फॉर्म पहुंचाना सुनिश्चित करें।
आगामी जनगणना और पंचायती राज चुनावों को देखते हुए अधिकारियों को जनशक्ति का समुचित प्रबंधन करने और राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ समन्वय बनाए रखने को भी कहा गया।
अतिरिक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. मुरारी लाल ने निर्देश दिए कि सभी अधिकारी प्रशिक्षण में दिए गए दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन करें और यह सुनिश्चित करें कि कोई भी पात्र व्यक्ति मतदाता सूची से वंचित न रहे।
कार्यशाला में एसआईआर से संबंधित तकनीकी जानकारी, आईटी अनुप्रयोगों, अधिकारियों की जिम्मेदारियों और जनसंपर्क से जुड़े पहलुओं पर भी चर्चा की गई। आने वाले समय में जिला और बूथ स्तर पर भी प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।



