February 26, 2026

सनरॉक प्ले स्कूल शिमला में बैसाखी व हिमाचल दिवस का आयोजन

Date:

Share post:

सनरॉक प्ले स्कूल  फ्रेंड्स कॉलोनी, नज़दीक संकट मोचन मंदिर, शिमला में बैसाखी व हिमाचल दिवस का आयोजन बड़े धूम धाम से किया गया I जिसमें बच्चों व अभिभावकों ने बढ़ चढ़ कर भाग लिया I इस अवसर पर प्ले स्कूल की प्रधानाचार्य शैलजा अमरेईक ने सभी प्रदेशवासियों को हिमाचल दिवस व बैसाखी की हार्दिक बधाई और शुभकामनाए देते हुए नन्हे मुन्ने बच्चों को बैसाखी व हिमाचल दिवस को मनाये जाने के महत्व  पर विस्तृत रूप से जानकारी दी I उन्होंने कहा कि हिमाचल दिवस 15 अप्रैल को मनाया जाता है। वर्ष 1948 की 15 अप्रैल को हिमाचल प्रदेश राज्य बना था I उम्होने कहा कि वर्ष 1948 में इसी दिन 30 पहाड़ी रियासतों के विलय से प्रदेश अस्तित्व में आया था। हिमाचल प्रदेश ने अपनी प्रकृति, पर्यावरण, समृध्द सांस्कृतिक धरोहर व उच्च जीवन मूल्यों को बहुत हद तक संरक्षित किया है और इसका बेहतर विकास किया है। हिमाचल प्रदेश को आगे ले जाने में इस पहाड़ी प्रदेश के मेहनतकश लोगों के योगदान की भूमिका सराहनीय है । शैलजा अमरेईक, प्रधानाचार्य, ने  बैसाखी के पर्व की महत्वता पर प्रकाश डालते हुए बच्चों को  बताया कि बैसाखी प्रायः प्रति वर्ष 13 अप्रैल को मनायी जाती है| यह त्यौहार सभी धर्मों एवं जातियों के द्वारा मनाया जाता है। बैसाखी मुख्यतः कृषि पर्व है।

यह त्यौहार फसल कटाई के आगमन के रूप में मनाया जाता है। बैसाखी सिखों का प्रसिद्द त्यौहार है। सिखों के लिए यह पर्व मात्र फसल कटाई आगमन का द्योतक ही नहीं बल्कि सिख भाईचारे और एकता का प्रतीक भी है। वर्ष 1699 में इसी दिन अंतिम सिख गुरु, गुरु गोबिंद सिंह जी ने सिखों को खालसा के रूप में संगठित किया था। सिख इस त्यौहार को सामूहिक जन्मदिवस के रूप में मनाते हैं। बैसाखी पर्व के दिन समस्त उत्तर भारत की पवित्र नदियों में स्नान करने का माहात्म्य माना जाता है। हिंदुओं के लिए यह त्यौहार नववर्ष की शुरुआत है। हिंदु इसे स्नान, भोग लगाकर और पूजा करके मनाते हैं। इस दिन सिख गुरुद्वारों में विशेष उत्सव मनाए जाते हैं। सिख इस त्यौहार को विशेष तरीके से मनाते हैं। वे मंदिर, गुरुद्वारा में जाकर दर्शन करते हैं और पवित्र ग्रन्थ का पाठ करते हैं। इस अवसर पर प्ले स्कूल की प्रधानाचार्य शैलजा अमरेईक ने कहा कि सनरॉक प्ले स्कूल क्षेत्र के बच्चों को  अच्छी से अच्छी शिक्षा प्रदान करने व बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए सदेव प्रयासरत रहा है व संबधित क्षेत्र के लोगों की आशाओं व अपेक्षाओं पर खरा उतरने के लिए प्रत्यनशील है I इस अवसर पर छोटे छोटे बच्चों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम में बढ़ चढ़ कर भाग लिया व खूब मस्ती की तथा नन्हे मुन्नों को मिठाइयाँ भी बांटी गयी । प्रधानाचार्या ने यह भी जानकारी दी कि सनरॉक प्ले स्कूल में प्री-नर्सरी, नर्सरी, के०जी० व क्रेच की सुविधा भी उपलब्ध है तथा वर्ष 2022-23 के सत्र के लिए प्रवेश की प्रक्रिया जारी है व कहा कि सनरॉक प्ले स्कूल के बच्चों के लिए परिवहन की सुविधा भी उपलब्ध करवाई जा रही है।

Daily News Bulletin

Nurturing Creativity – Keekli Charitable Trust, Shimla

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Related articles

Rohit Thakur Reviews UNESCO HP FUTURES Progress

Rohit Thakur chaired the third Steering Committee meeting of the UNESCO-supported ‘HP FUTURES’ project, organized by Samagra Shiksha,...

HP Grameen Bank Supports Aapada Rahat Kosh

Chairman of Himachal Pradesh Grameen Bank, Rajinder Singh, today presented a cheque of ₹14.15 lakh to Chief Minister...

कुड्डू टोल की ई-नीलामी 28 फरवरी को

उपमंडल दण्डाधिकारी जुब्बल गुरमीत नेगी ने जानकारी देते हुए बताया कि हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा एच.पी. टोल्स अधिनियम,...

Today, 25 February, 2026 : National Tourism Day

National Tourism Day – Celebrating India’s Heritage and Travel IndustryObserved on 25 February, National Tourism Day highlights the...