Tag: poem

spot_imgspot_img

We are Fake Innocent People — Sahaj Sabharwal

Sahaj Sabharwal, Jammu City, Jammu and Kashmir, India  Clapping after watching others's clap, Hesitation in being as a pioneer, under hands of others like puppets under nap. Promoting...

विरासत — दीप्ति सारस्वत प्रतिमा

दीप्ति सारस्वत प्रतिमा, शिमला घर भर में और आस पास अपने से कमज़ोर दिखते उसे बस अपने बच्चे उधर सास ने जली कटी सुनाई इधर किसी भी न मालूम बात...

Oh! My Dear Face — Poem by Ananta

Ananta Kumar Singh, Ravenshaw University Department of English, Odisha Oh! My dear face Never be upset I didn't come to pimples I didn't come to dimples Oh! My dear...

आज पुरुष दिवस पर विशेष: पुरुष — दीप्ति सारस्वत

दीप्ति सारस्वत मुझे मधुमक्खी ने काटा एक बार मुहल्ला सर पर उठा लिया मैंने विचलित से तुम कभी रगड़ रहे थे लोहा बुरी तरह सूज गए मेरे हाथ पर तो कभी...

सोचती हूँ — लौह पुरूष वल्लभ भाई पटेल के सम्मान में राष्ट्रीय एकता पर विशेष

दीप्ति सारस्वत प्रतिमा सोचती हूँ 1 पले हैं हम बढ़े हैं एक स्वतंत्र राष्ट्र में राष्ट्र जो है भारत इंडिया हिन्दोस्तान जो जिस नाम से पुकारे लौटा कर देता प्रेम सबको एक समान +++++++++++++++++ 2 कहती...

दिवाली की सफ़ाई – हर्षिता दावर

हर्षिता दावर हर दिवाली से पहले एक कबाड़ी ऐसा भी आना चाहिए जो टूटे फूटे दिल और फटी पुरानी यादें ले जाएं कुछ दिल का बोझ...

Daily News Bulletin

Nurturing Creativity – Keekli Charitable Trust, Shimla