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December 7, 2023

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Tag: poems

A Poet’s Craft: An Exploration of Emotion & Expression: Sitaram Sharma — व्यक्तित्व –...

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https://youtu.be/ZcVV7faZ748 Unlike philosophers or self-help gurus, poets do not set out to provide solutions to life's complex questions. Their role is not to prescribe, but to describe. They offer a mirror to...

Persistence, Feelings & Expression Are Necessary to Become a Writer

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https://youtu.be/-OcDvUacXTI After years of experience as an accountant and an auditor with the Himachal Pradesh Tourism Development Corporation, Ranjodh Singh finally found his calling when he resigned and joined as a teacher...

जीने के लिए ज़मीन — कविताएं भाव तत्व व मानवीय मूल्यों की गहरी संवेदनाएं...

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मंडी से प्रतिभावान कथाकार समीक्षक पौमिला ठाकुर ने आत्मा रंजन के हाल ही में प्रकाशित कविता संग्रह ‘जीने के लिए ज़मीन‘ पर सुविचारित समीक्षा लिखी है । सबके ‘जीने के लिए ज़मीन‘...
खिल सकते है दबे हुए मसले हुए फूल शर्त ये है उन्हें सिने से लगाना होगा|

रोटी माँ के हाथ की — रणजोध सिंह

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रणजोध सिंह श्यामली के बार-बार समझाने पर भी उसका पति निखिल अंतिम समय तक अपने बुजुर्ग माँ-बाप को यह न बता पाया कि वह सदा-सदा के लिए विदेश जा रहा है |...
Giving Wings to Children's Creativity through मीमांसा: Children's Literature Festival, Shimla -- Dr Pankaj Lalit

Giving Wings to Children’s Creativity through मीमांसा: Children’s Literature Festival, Shimla — Dr Pankaj...

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Last date of Submission for entries is 8 March, 2023. Language & Culture Department, HP in Collaboration with Keekli Charitable Trust is proud to organise "मीमांसा—Children's Literature Festival 2023". The Three Days...

प्रतिष्ठित कवियों ने बांधा वनकाम के कवि सम्मेलन में समा

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वरिष्ठ कवि एवं केंद्रीय खुफिया विभाग के पूर्व वरिष्ठ अधिकारी श्री नरेश नाज़ जी के सानिध्य में कल सायं पांच बजे से रात्रि नौ बजे तक एक विशाल कवि सम्मेलन का...
लौट आओ वक्त पर राह- ए-सफर

हरे रामा हरे कृष्णा 

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भीम सिंह, गांव देहरा हटवाड़, जिला बिलासपुर, हिमाचल प्रदेश। अपने गये बेगाने गये मरी न मन की तृष्णा कैसा संसार बनाया तूने हरे रामा हरे कृष्णा । पूरी ज़िन्दगी लगा रहा जोड़ने पाई-पाई आखिर वक्त खाली हाथ अर्थी जब...

आत्मा रंजन के काव्य संग्रह – जीने के लिए ज़मीन का लोकार्पण

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आज गेयटी थियेटर शिमला के कांफ्रेंस हॉल में कीकली चेरिटेब ट्रस्ट द्वारा चर्चित कवि आत्मा रंजन के सद्य प्रकाशित दूसरे कविता संग्रह "जीने के लिए ज़मीन" का लोकार्पण समारोह आयोजित किया...
लौट आओ वक्त पर राह- ए-सफर

सोचता हूं किस पर क्या लिखूं — भीम सिंह

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भीम सिंह, गांव देहरा हटवाड़, जिला बिलासपुर, हिमाचल प्रदेश सोचता हूं किस पर क्या लिखूं हर एक यहां परेशान है सारे जहां में घूम कर देखा सुखी दिखा नहीं इन्सान है। कोई दुखी अपने पड़ोस से कोई...

प्रकृति, कला वीथिका और कविता… — लिट्रेचर विद नेचर

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आत्मा रंजन, शिमला रविवार का दिन "लिट्रेचर विद नेचर" के उत्साही मित्रों के साथ गुजरा। चार सृजन संस्थाओं कीकली चेरिटेबल ट्रस्ट, शिमला वॉक्स, कवि कुंभ और पोएटिक आत्मा के संयोजन में "लिट्रेचर...

The Best Gift I Can Give Myself — Lavanya Muni

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Lavanya Muni, Class 6, Army Public School, Mhow, Indore Sometimes I feel guilty about the things I did, Things of which I can't get rid. Sometimes I feel guilty about the things I didn't...
HP Daily News Bulletin 29/10/2023

शिमला में कविकुंभ-शब्दोत्सव एवं स्वयंसिद्धा सम्मान समारोह

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गेटी थियेटर के गौथिक हॉल, शिमला (हिमाचल प्रदेश) में 10 सितंबर 2022 को, प्रातः 9.30 से रात 7.30 बजे तक 'कविकुंभ'-शब्दोत्सव एवं 'बीइंग वुमन' का स्वयं सिद्धा सम्मान समारोह विभिन्न सत्रों...