Tag: poems

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लकीरें: एक कविता

डॉ. कमल के. प्यासा खड़ी पड़ी,आड़ी तिरछी,टेढ़ी मेढ़ी,आधी अधूरी,इधर उधर,यहां वहां,कहीं भी हों लकीरें। लकीरें,बांटती हैं,काटती हैं,तोड़ती (मिटाती),फोड़ती (गंवाती),दरारें डालती हैं! लकीरें कलम की, तलवार की,...

राजेश पाल की लिखी आक्रोश और प्रतिरोध की कविताएँ – पुस्तक समीक्षा

महेश पुनेठा जीवन के अनुभवों से पैदा हुई गहरी पीड़ा और छटपटाहट उनकी कविताओं में अभिव्यक्त होती है, क्योंकि वह दृष्टा के अलावा भोक्ता भी...

A Poet’s Craft: An Exploration of Emotion & Expression: Sitaram Sharma — व्यक्तित्व – बातचीत का कारवां

https://youtu.be/ZcVV7faZ748 Unlike philosophers or self-help gurus, poets do not set out to provide solutions to life's complex questions. Their role is not to prescribe, but...

Persistence, Feelings & Expression Are Necessary to Become a Writer

https://youtu.be/-OcDvUacXTI After years of experience as an accountant and an auditor with the Himachal Pradesh Tourism Development Corporation, Ranjodh Singh finally found his calling when...

जीने के लिए ज़मीन — कविताएं भाव तत्व व मानवीय मूल्यों की गहरी संवेदनाएं लिए अनेकों रंगों से सुसज्जित हैं

मंडी से प्रतिभावान कथाकार समीक्षक पौमिला ठाकुर ने आत्मा रंजन के हाल ही में प्रकाशित कविता संग्रह ‘जीने के लिए ज़मीन‘ पर सुविचारित समीक्षा...

रोटी माँ के हाथ की — रणजोध सिंह

रणजोध सिंह श्यामली के बार-बार समझाने पर भी उसका पति निखिल अंतिम समय तक अपने बुजुर्ग माँ-बाप को यह न बता पाया कि वह सदा-सदा...