ठियोग कस्बे में यातायात व्यवस्था को सुव्यवस्थित करने और स्थानीय निवासियों व यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने नई संशोधित ट्रैफिक प्रबंधन योजना लागू कर दी है। जिला दंडाधिकारी शिमला अनुपम कश्यप ने मोटर वाहन अधिनियम, 1988 के तहत यह अधिसूचना जारी की है, जिसमें वाहनों की पार्किंग, नो-पार्किंग जोन, लोडिंग-अनलोडिंग समय और वन-वे ट्रैफिक के कड़े नियम तय किए गए हैं।
नए प्लान के अनुसार, ठियोग बायपास (NH-05) पर 100 हल्के वाहनों (LMV) के लिए सबसे बड़ी पार्किंग जगह तय की गई है। इसके अलावा फॉरेस्ट ऑफिस मुख्य गेट से चिखड़ पंप हाउस रोड पर 20, जनोग घाट पर 8, प्रेम घाट चौक पर 8 और ओल्ड बेली ब्रिज के पास 10 हल्के वाहनों की पार्किंग बनाई गई है। भारी वाहनों के लिए राहीघाट बाईपास पर 4 स्पॉट निर्धारित किए गए हैं। वहीं, नए बस स्टैंड पर 4, पुराने बस स्टैंड पर 3 तथा सिविल अस्पताल परिसर में 1 टैक्सी को खड़े होने की अनुमति होगी।
शहर की सुचारू आवाजाही के लिए जनोग घाट से रामपुर साइड (500 मीटर), प्रेम घाट से एचडीएफसी बैंक, सिविल अस्पताल एप्रोच रोड और राहीघाट चौक से राजन टायर तक के दायरे को ‘नो-पार्किंग जोन’ घोषित किया गया है। जनोग घाट से रायघाट तक ‘नो यू-टर्न’ रहेगा। इसके अतिरिक्त, होटल हिडिम्बा के पास सामान की लोडिंग और अनलोडिंग का काम केवल सुबह 8 बजे से पहले और रात 8 बजे के बाद ही किया जा सकेगा।
स्कूली बच्चों और मरीजों की आवाजाही को देखते हुए प्रेम घाट से सिविल अस्पताल ठियोग मार्ग पर सुबह 9:00 से 9:45 और दोपहर 3:30 से शाम 4:30 बजे तक वन-वे ट्रैफिक व्यवस्था लागू रहेगी। दिन में लगने वाले जाम से बचने के लिए सुबह 8:00 से रात 8:00 बजे तक ठियोग बाजार से भारी वाहनों की आवाजाही पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा, हालाँकि रोडवेज बसों और सब्जी मंडी से जुड़े वाहनों को इससे छूट दी गई है। जिला प्रशासन ने आम जनता से इन नियमों का पालन करने की अपील की है और अधिसूचना पर सुझाव या आपत्तियां दर्ज कराने के लिए 30 दिनों का समय दिया है।


