उपायुक्त शिमला एवं अध्यक्ष लवी मेला रामपुर, अनुपम कश्यप ने कहा कि ऐतिहासिक लवी मेला के पारंपरिक और व्यावसायिक महत्व को और बढ़ाना प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि यह मेला पूरी तरह से व्यापार केंद्रित आयोजन है और इसका स्वरूप अन्य मेलों से भिन्न है।
अनुपम कश्यप रामपुर में आगामी लवी मेला (11 से 14 नवंबर 2025) की तैयारियों को लेकर आयोजित बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने कहा कि मेले के दौरान स्टॉल आवंटन समय से किया जाए ताकि मेला शुरुआत से ही पूरी तरह सुसज्जित दिखे। साथ ही, खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की नियमित जांच कर लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
उपायुक्त ने बताया कि अश्व प्रदर्शनी का आयोजन 1 से 3 नवंबर तक किया जाएगा, जिसमें पड़ोसी राज्यों को भी आमंत्रित किया जाएगा। उन्होंने पशुपालन विभाग को इस अवधि में कार्यशाला आयोजित करने और प्रदर्शनी के प्रचार-प्रसार पर विशेष ध्यान देने को कहा।
उन्होंने मेला क्षेत्र में लगने वाले झूलों की रोजाना जांच करने के निर्देश दिए और इसके लिए एक समिति गठित करने को कहा। साथ ही, हिमाचली कलाकारों को मंच पर प्राथमिकता देने की बात कही ताकि स्थानीय प्रतिभाओं को प्रोत्साहन मिल सके।
सीडीपीओ सराहन को निर्देश दिए गए कि मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना के तहत बाल आश्रम और अन्य निराश्रित बच्चों को मेला दिखाने और झूले खिलाने की व्यवस्था की जाए।
मेला अवधि के दौरान कबड्डी, बॉक्सिंग, बैडमिंटन और मिनी मैराथन जैसी खेल प्रतियोगिताएं होंगी। मिनी मैराथन का आयोजन नशा मुक्त समाज के संदेश के साथ किया जाएगा।
उन्होंने खनेरी अस्पताल से नोगली तक खड़े लावारिस वाहनों को हटाने, कुछ स्थानों पर क्रैश बैरियर ऊंचे करने और यातायात सुचारू रखने के निर्देश दिए। मेला क्षेत्र को पूरी तरह रोशन करने और पीने के पानी की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया।
विधायक रामपुर एवं राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष नंद लाल ने कहा कि मेला के दौरान विभागीय प्रदर्शनी बेहतर, शिक्षाप्रद और योजनाओं की जानकारी देने वाली होनी चाहिए।



