पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने हिमाचल प्रदेश सरकार पर बच्चों को बिना किताबों के ही सीबीएसई स्कूलों में पढ़ाई करने के लिए मजबूर करने का आरोप लगाया है। उन्होंने बताया कि सरकार ने दो साल पहले राज्य के कई स्कूलों को सीबीएसई में परिवर्तित करने की घोषणा की थी, लेकिन अब तक कई स्कूलों में तैयारी के बिना ही सीबीएसई पाठ्यक्रम शुरू कर दिया गया है। एक महीने से अधिक समय बीत जाने के बावजूद बच्चों को सीबीएसई की पाठ्यपुस्तकें उपलब्ध नहीं कराई गई हैं, जिससे उन्हें हिमाचल प्रदेश शिक्षा बोर्ड की किताबों से पढ़ाई करनी पड़ रही है। मार्च के अंत तक बच्चों का “फॉर्मेटिव एसेसमेंट” होना है, लेकिन किताबों की कमी के कारण यह चुनौतीपूर्ण स्थिति बनी हुई है। जयराम ठाकुर ने कहा कि जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा यह तर्क दिया जा रहा है कि सीबीएसई और हिमाचल बोर्ड के पाठ्यक्रम समान हैं, जो बच्चों के सीखने के हित में पर्याप्त नहीं है। उन्होंने सरकार पर जोर दिया कि तर्क देने की बजाय बच्चों को समय पर किताबें उपलब्ध करवाने पर ध्यान देना चाहिए।
नेता प्रतिपक्ष ने शिक्षकों की स्थिति पर भी चिंता जताई और कहा कि सीबीएसई स्कूलों में अभी भी वही शिक्षक पढ़ा रहे हैं जो पहले हिमाचल बोर्ड में पढ़ाते थे। इसमें भी समस्या यह है कि कुछ शिक्षक सीबीएसई में पढ़ाने के इच्छुक नहीं हैं। सरकार ने शिक्षकों की परीक्षा के लिए 22 मार्च की तारीख तय की है, लेकिन इसे पूरा करने में महीनों का समय लग सकता है। जयराम ठाकुर ने कहा कि इतने समय बाद भी सरकार ने सीबीएसई स्कूलों की पूरी तैयारी नहीं की है। अधिकांश चयनित स्कूल प्रधानमंत्री शहरी योजना के अंतर्गत आते हैं और इन्फ्रास्ट्रक्चर की कमी नहीं है, लेकिन बिना शिक्षकों और किताबों के पढ़ाई कैसे संभव होगी, इसका जवाब सरकार के पास नहीं है। उनका कहना था कि यदि सीबीएसई पाठ्यक्रम शुरू किया जा रहा है, तो इसे पूरी तरह लागू किया जाना चाहिए ताकि छात्रों को वास्तविक लाभ मिल सके।
इसके अतिरिक्त जयराम ठाकुर ने शिमला स्थित लोक भवन में नवनियुक्त राज्यपाल कविंद्र गुप्ता के शपथ ग्रहण समारोह में भाग लिया। उन्होंने राज्यपाल को नई जिम्मेदारी संभालने पर हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दीं और कहा कि कविंद्र गुप्ता अपने अनुभव और दूरदर्शिता से संवैधानिक दायित्वों का सफलतापूर्वक निर्वहन करेंगे तथा प्रदेश के विकास और जनकल्याण से जुड़े कार्यों को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। उन्होंने राज्यपाल के सफल, प्रभावी और गरिमामय कार्यकाल की कामना भी की।



