उपायुक्त शिमला अनुपम कश्यप ने जिला के अधिकारियों से अनुरोध किया है कि वीवीआईपी/वीआईपी मूवमेंट के दौरान आवश्यकतानुसार प्राथमिकता के आधार पर विभागीय वाहन उपलब्ध कराएं, ताकि मूवमेंट सुचारू और सुविधाजनक हो। उन्होंने आज लगभग 63 विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि अधिकारियों को अपने सरकारी वाहनों और चालकों की जानकारी अतिरिक्त जिला दण्डाधिकारी (कानून एवं व्यवस्था) को उपलब्ध करानी होगी, जिससे एक सूची और रोस्टर तैयार किया जा सके।
उपायुक्त ने बताया कि रोस्टर में यह सुनिश्चित किया जाएगा कि बार-बार एक ही अधिकारी की प्रोटोकॉल ड्यूटी न लगे, जिससे सरकारी काम प्रभावित न हो। उन्होंने कहा कि शिमला प्रदेश की राजधानी और प्रमुख पर्यटन स्थल होने के कारण वीवीआईपी मूवमेंट नियमित रूप से होती है, और कई बार एक समय पर एक से अधिक वीवीआईपी मूवमेंट के कारण अतिरिक्त वाहनों की आवश्यकता होती है। ऐसे मामलों में अल्प सूचना पर विभागीय वाहन उपलब्ध कराना सभी अधिकारियों का कर्तव्य है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गौरव सिंह ने कहा कि वीवीआईपी/वीआईपी मूवमेंट के दौरान केवल सरकारी वाहनों की ही आवश्यकता होती है और सुरक्षा कारणों से अन्य वाहनों का उपयोग प्रोटोकॉल ड्यूटी में नहीं किया जाता। उन्होंने बताया कि उन्होंने स्वयं कई बार अपने सरकारी वाहन प्रोटोकॉल ड्यूटी के लिए उपलब्ध कराए हैं और अधिकारियों से अपेक्षा की कि वे जिला प्रशासन का सहयोग सुनिश्चित करें।



