उपायुक्त शिमला अनुपम कश्यप ने शनिवार को दो Children of the State बच्चों, अमृत वर्मा और मोक्षित शर्मा, को उनकी विशिष्ट उपलब्धियों के लिए सम्मानित किया। बच्चों को पारंपरिक शॉल और टोपी पहनाकर सम्मानित किया गया।
उपायुक्त ने कहा कि अमृत और मोक्षित की उपलब्धियां अन्य बच्चों के लिए प्रेरणास्पद हैं। अमृत वर्मा का चयन राज्य स्तरीय INSPIRE विज्ञान कार्यशाला के लिए हुआ है, जबकि मोक्षित शर्मा को राष्ट्रीय साधन-सह-योग्यता छात्रवृत्ति योजना (NMMSS) के तहत वार्षिक ₹12,000 की छात्रवृत्ति मिली है। उन्होंने कहा कि इन नन्हें कदमों से बच्चों की सफलता की राह आसान होती है और इस उम्र में वैज्ञानिक सोच विकसित करना काबिले तारीफ है।
प्रदेश सरकार ने मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना के तहत बेसहारा और निराश्रित बच्चों को “Children of the State” का दर्जा दिया है। योजना के अंतर्गत बच्चों को शिक्षा, स्वास्थ्य, रहने की सुविधा, स्किल डेवलपमेंट, रोजगार और आर्थिक सहायता दी जाती है। इसका उद्देश्य बच्चों को आत्मनिर्भर बनाना और समाज की मुख्यधारा से जोड़ना है।
अमृत वर्मा ने दृष्टिबाधित लोगों के लिए “स्मार्ट हेल्पिंग स्टिक” का प्रपोजल तैयार किया है। यह स्टिक सेंसर, वाइब्रेशन मोटर, स्पीकर और बैटरी से लैस होगी और 1–2 मीटर की दूरी तक आने वाली बाधाओं का संकेत देगी। इसके लिए उन्हें भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग की ओर से ₹10,000 की वित्तीय सहायता मिली है।
मोक्षित शर्मा ने NMMSS छात्रवृत्ति योजना के तहत चयन प्राप्त किया है, जो 9वीं से 12वीं तक आर्थिक रूप से कमजोर मेधावी छात्रों को ₹12,000 प्रति वर्ष प्रदान करती है।
दोनों बच्चे राजकीय उच्च विद्यालय जाखू से आठवीं कक्षा पूरी करने के बाद अब राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला टूटीकंडी में अध्ययनरत हैं। इस अवसर पर जिला कार्यक्रम अधिकारी ममता पॉल भी विशेष रूप से मौजूद रही।



