जिला विधिक सेवा प्राधिकरण शिमला द्वारा “हमारे जल को बचाएं: संरक्षण करें, सुरक्षा करें, पुनर्स्थापित करें” (20 से 25 अप्रैल, 2026) अभियान के तहत आज एक विशेष कार्यशाला एवं स्वच्छता अभियान का आयोजन किया गया।
वैकल्पिक विवाद निपटान भवन (एडीआर भवन), शिमला में आयोजित इस कार्यक्रम में बीएसएन स्कूल चक्कर, हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय विधि अध्ययन संस्थान तथा हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के विधि विभाग के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण शिमला के सचिव एवं अतिरिक्त मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी उमेश वर्मा ने विद्यार्थियों को जल संरक्षण के महत्व के बारे में जागरूक किया। उन्होंने बताया कि इस अभियान के अंतर्गत ग्रामीण विकास विभाग के सहयोग से जिले के प्राकृतिक जल स्रोतों की जानकारी एकत्रित की जा रही है तथा अर्द्ध-कानूनी स्वयंसेवकों (पैरालीगल वॉलंटियर्स) और संबंधित विभागों के माध्यम से इन स्रोतों की व्यापक स्तर पर सफाई की जा रही है।
इस अवसर पर हिमाचल प्रदेश राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और जल शक्ति विभाग के अधिकारियों ने भी पर्यावरण संरक्षण, प्राकृतिक जल स्रोतों के रखरखाव तथा उनकी स्वच्छता के महत्व पर प्रकाश डाला।
अभियान के तहत एक जल स्रोत की सफाई भी की गई, जिसमें विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों, अर्द्ध-कानूनी स्वयंसेवकों, नगर निगम शिमला, युवा मंडलों, महिला मंडलों और स्थानीय लोगों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया।
प्राधिकरण ने शिमला के नागरिकों से अपील की है कि वे प्राकृतिक जल स्रोतों की स्वच्छता बनाए रखने और जल संरक्षण के प्रयासों में सक्रिय सहयोग दें।



