मुख्यमंत्री हिमाचल प्रदेश द्वारा 15 नवम्बर 2025 को शुरू किए गए प्रदेशव्यापी एंटी-चिट्टा जन आंदोलन के तहत “चिट्टा-मुक्त हिमाचल” के लक्ष्य को साकार करने के लिए हिमाचल प्रदेश पुलिस एवं स्पेशल टास्क फोर्स (STF) द्वारा नशा तस्करी के खिलाफ राज्यभर में सघन एवं सुनियोजित अभियान चलाया जा रहा है।
इसी क्रम में 15 जून 2026 को प्रदेशभर में एक विशेष सत्यापन एवं प्रोफाइलिंग अभियान संचालित किया गया। इस अभियान के दौरान अन्य राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों में एनडीपीएस मामलों में गिरफ्तार हिमाचल प्रदेश के 278 व्यक्तियों तथा हिमाचल प्रदेश में एनडीपीएस मामलों में पकड़े गए अन्य राज्यों के 382 व्यक्तियों का विस्तृत सत्यापन किया गया। इस प्रकार कुल 660 व्यक्तियों की प्रोफाइलिंग कर उनकी पृष्ठभूमि, आपराधिक इतिहास, वर्तमान गतिविधियों, स्थानीय संपर्कों एवं संभावित नेटवर्क का आकलन किया गया।
इस राज्यव्यापी समन्वित अभियान का उद्देश्य नशा तस्करी में संलिप्त व्यक्तियों के अंतर्राज्यीय संबंधों तथा संगठित आपराधिक नेटवर्क की पहचान करना है, ताकि ऐसे तत्वों पर निरंतर निगरानी रखी जा सके और आवश्यकतानुसार प्रभावी कानूनी एवं निवारक कार्रवाई की जा सके। अभियान के दौरान एकत्र जानकारी का विश्लेषण कर नशा तस्करी की आपूर्ति श्रृंखला और उससे जुड़े अन्य व्यक्तियों की पहचान की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है।
पुलिस विभाग ने स्पष्ट किया है कि इस प्रकार की सत्यापन एवं प्रोफाइलिंग गतिविधियां भविष्य में भी नियमित रूप से जारी रहेंगी, ताकि राज्य में सक्रिय अथवा राज्य से जुड़े नशा तस्करी नेटवर्क पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सके और “चिट्टा-मुक्त हिमाचल” के लक्ष्य को और सुदृढ़ किया जा सके।
हिमाचल प्रदेश पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि चिट्टा या अन्य मादक पदार्थों की तस्करी, बिक्री, भंडारण या सेवन से जुड़ी किसी भी जानकारी को तुरंत 112 या नजदीकी पुलिस थाने में साझा करें। सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी और हर सूचना पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
मुख्यमंत्री के नेतृत्व, जनसहयोग और युवाओं की भागीदारी के साथ हिमाचल प्रदेश पुलिस नशा मुक्त राज्य के लक्ष्य की दिशा में लगातार सख्त कार्रवाई और प्रतिबद्ध प्रयास कर रही है।



