जिला शिकायत निवारण समिति की बैठक आज बचत भवन में शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में जनहित से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई, जबकि विभागीय अधिकारियों ने अब तक की प्रगति और समाधान की स्थिति से अवगत करवाया।
शिक्षा मंत्री ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि जन शिकायत निवारण समिति के माध्यम से सामाजिक और विकासात्मक मुद्दों को प्रभावी ढंग से उठाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2023 और 2025 की आपदाओं के कारण जिला शिमला को भारी नुकसान हुआ था, लेकिन राज्य सरकार द्वारा विशेष आपदा राहत पैकेज के माध्यम से प्रभावित क्षेत्रों में हालात सामान्य करने के लिए निरंतर प्रयास किए गए हैं।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बैठक में उठाए गए सभी मुद्दों का समाधान धरातल पर प्राथमिकता के आधार पर सुनिश्चित किया जाए, ताकि आम जनता को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा कि सभी विभाग जन समस्याओं के समाधान में तेजी लाएं और कार्यों में किसी भी प्रकार की देरी न हो।
शिक्षा मंत्री ने पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति में आ रही दिक्कतों पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि इससे बागवानी क्षेत्र के साथ-साथ सड़क निर्माण कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने प्रशासन को आवश्यक ईंधन की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने यह भी कहा कि वर्ष के अंत में पुनः बैठक आयोजित कर लंबित मामलों की समीक्षा की जाएगी।
उन्होंने सरस्वती पैराडाइज स्कूल मामले में शिमला पुलिस द्वारा आरोपियों की गिरफ्तारी पर पुलिस प्रशासन की सराहना भी की।
उपायुक्त अनुपम कश्यप ने बताया कि जिला शिकायत निवारण समिति जनता और प्रशासन के बीच एक महत्वपूर्ण सेतु के रूप में कार्य करती है, जिसका उद्देश्य शिकायतों का त्वरित, पारदर्शी और प्रभावी समाधान सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि समिति नियमित रूप से लंबित मामलों की समीक्षा कर समयबद्ध निपटान सुनिश्चित करती है।
बैठक का संचालन अतिरिक्त उपायुक्त सचिन शर्मा ने किया, जिसमें विभिन्न विभागों से संबंधित विषय क्रमवार प्रस्तुत किए गए। इस अवसर पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गौरव सिंह, एडीएम लॉ एंड ऑर्डर पंकज शर्मा, एएसपी मेहर पंवर सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं गैर सरकारी सदस्य उपस्थित रहे।
बैठक में उपमंडल स्तर पर भी कई महत्वपूर्ण जन मुद्दे सामने आए। कुमारसैन, रामपुर और चौपाल उपमंडलों से आए गैर सरकारी सदस्यों ने सड़क, पेयजल, स्वास्थ्य, परिवहन, शिक्षा और वन्यजीव संबंधित समस्याएं रखीं। संबंधित विभागों के अधिकारियों ने प्रत्येक मुद्दे पर विस्तृत जानकारी देते हुए वर्तमान स्थिति और भविष्य की कार्ययोजना से अवगत करवाया।



