शिमला में पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने ननखड़ी से आए भाजपा प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठक के बाद सरकार पर शिक्षण संस्थानों को बंद करने को लेकर निशाना साधा।
प्रतिनिधिमंडल ने राजकीय महाविद्यालय ननखड़ी के विलय/बंद करने के फैसले को वापस लेने की मांग की, जिस पर नेता प्रतिपक्ष ने सरकार से पुनर्विचार का आश्वासन देते हुए कहा कि दूरस्थ क्षेत्रों में शिक्षण संस्थानों को बंद करना छात्रों के भविष्य के साथ अन्याय है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार शिक्षा व्यवस्था को कमजोर कर रही है और बिना स्पष्ट नीति के संस्थान बंद या फिर राजनीतिक दबाव में पुनः खोल रही है।
उन्होंने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि छात्र संख्या के आधार पर स्कूल-कॉलेज बंद करने की बजाय नामांकन बढ़ाने पर ध्यान दिया जाए और विशेषकर दुर्गम क्षेत्रों में शिक्षा की पहुंच सुनिश्चित की जाए।
दूसरे मुद्दे पर जयराम ठाकुर ने प्रदेश में दूध खरीद व्यवस्था पर सरकार को घेरते हुए कहा कि जमीनी स्तर पर किसानों को समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि कई जगहों पर दूध खरीद पर सीमा तय होने से विरोध प्रदर्शन और असंतोष की स्थिति बन रही है। उन्होंने कहा कि पशुपालकों को समय पर भुगतान नहीं मिल रहा है और सरकार को प्रचार के बजाय वास्तविक समस्याओं के समाधान पर ध्यान देना चाहिए।



