मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार (मीडिया) नरेश चौहान ने अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा प्रकरण को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों की जवाबदेही तय करने की मांग की है। पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि मंदिर में चढ़ावे से जुड़ी कथित अनियमितताओं से करोड़ों श्रद्धालुओं की भावनाएं आहत हुई हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि मामले में सामने आए तथ्यों से यह संकेत मिलता है कि चढ़ावे की सुरक्षा में बड़ी लापरवाही हुई है। उन्होंने कहा कि 40 दिनों की वीडियो फुटेज की जांच में कथित तौर पर कई चोरी की घटनाएं सामने आई हैं, इसलिए पूरे मामले की जांच उच्च न्यायालय या सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश की निगरानी में करवाई जानी चाहिए।
नरेश चौहान ने कहा कि यह मामला केवल आर्थिक अनियमितता का नहीं, बल्कि लोगों की आस्था से जुड़ा विषय है। उन्होंने मांग की कि जांच के बाद दोषी पाए जाने वाले लोगों पर कड़ी कार्रवाई की जाए और कथित रूप से अर्जित संपत्ति को जब्त किया जाए।
उन्होंने ट्रस्ट से जुड़े लोगों की नियुक्तियों और जवाबदेही पर भी सवाल उठाए तथा कहा कि केवल इस्तीफे स्वीकार कर लेना पर्याप्त नहीं है, बल्कि तथ्यों के आधार पर जिम्मेदारी तय होनी चाहिए।
भाजपा पर निशाना साधते हुए नरेश चौहान ने आरोप लगाया कि पार्टी ने भगवान श्रीराम के नाम का राजनीतिक इस्तेमाल किया है। उन्होंने नेता प्रतिपक्ष जय राम ठाकुर की चुप्पी पर सवाल उठाते हुए उनसे इस मामले पर अपना पक्ष स्पष्ट करने को कहा।
प्रदेश भाजपा द्वारा राज्य सरकार पर लगाए जा रहे आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि विपक्ष को सकारात्मक भूमिका निभानी चाहिए। उन्होंने मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू के कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य सरकार हिमाचल के अधिकारों, संसाधन जुटाने और आत्मनिर्भरता की दिशा में लगातार प्रयास कर रही है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में हिमाचल को आत्मनिर्भर, समृद्ध और हरित ऊर्जा राज्य बनाने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं, जबकि भाजपा प्रदेश के विकास को लेकर सकारात्मक सहयोग देने में विफल रही है।



