पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने सुक्खू सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि सरकार जनता को राहत देने के बजाय पहले शुल्क और फीस में भारी बढ़ोतरी करती है और विरोध के बाद उसमें मामूली कटौती करती है। उन्होंने इसे सरकार की कार्यप्रणाली का हिस्सा बताते हुए कहा कि जनता को वास्तविक सुविधाएं उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए।
जयराम ठाकुर ने कहा कि हाल ही में विश्वविद्यालयों की फीस में लगभग दोगुनी वृद्धि की गई, जिसके विरोध के बाद सरकार ने इसमें कुछ कमी की। उन्होंने आरोप लगाया कि स्वास्थ्य सेवाओं, प्रतियोगी परीक्षाओं, पात्रता परीक्षाओं, प्रतिबंधित मार्ग पास, बस किराया, लगेज नीति, बिजली और सीमेंट की कीमतों के मामलों में भी सरकार ने इसी तरह के फैसले लिए हैं। उन्होंने कहा कि कल्याणकारी सरकार का दायित्व केवल राजस्व जुटाना नहीं, बल्कि लोगों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना भी है।
शिक्षा व्यवस्था को लेकर नेता प्रतिपक्ष ने सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा कि सत्र शुरू होने के बावजूद कई छात्रों को अब तक किताबें उपलब्ध नहीं हो पाई हैं और उन्हें पीडीएफ के माध्यम से पढ़ाई करनी पड़ रही है। उन्होंने कहा कि सीबीएसई स्कूलों में शिक्षकों की नियुक्ति भी लंबित है, क्योंकि विभाग अभी तक आवश्यक नियम और शर्तें तय नहीं कर पाया है। इससे छात्र, शिक्षक और अभिभावक असमंजस की स्थिति में हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने सीबीएसई स्कूलों के प्रचार-प्रसार पर करोड़ों रुपये खर्च किए, लेकिन स्कूलों के संचालन की ठोस तैयारी नहीं की गई। उन्होंने कहा कि भवन तैयार होने के बावजूद उद्घाटन में देरी हो रही है, जबकि छात्र अस्थायी भवनों में पढ़ाई कर रहे हैं।
जयराम ठाकुर ने केंद्र सरकार से मिलने वाली आर्थिक सहायता को लेकर भी प्रदेश सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि केंद्र से मिलने वाली सहायता का श्रेय देने में राज्य सरकार पीछे रहती है। उन्होंने बताया कि प्रदेश को वित्तीय मजबूती, पूंजीगत व्यय और विकास कार्यों के लिए अतिरिक्त कर हस्तांतरण के रूप में 996 करोड़ रुपये मिले हैं, जबकि आपदा प्रबंधन के लिए एसडीआरएफ के तहत 193.5 करोड़ रुपये की सहायता भी उपलब्ध कराई गई है।
उन्होंने कहा कि आपदा चेतावनी और न्यूनीकरण से जुड़े बाहरी सहायता प्राप्त प्रोजेक्टों में भी केंद्र सरकार का बड़ा योगदान है। उन्होंने प्रदेश सरकार से आग्रह किया कि वह बेहतर योजना और प्रभावी क्रियान्वयन के साथ जनता के हित में कार्य करे।



