शिमला जिला प्रशासन ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से शहर के 10 चिन्हित स्थानों पर सार्वजनिक सभाओं, धरना-प्रदर्शनों, रैलियों और जुलूसों के आयोजन पर 30 सितंबर, 2026 तक प्रतिबंध लगा दिया है।
जिला दंडाधिकारी अनुपम कश्यप ने पंजाब राज्य सुरक्षा अधिनियम, 1953 की धारा 6 के तहत यह आदेश जारी किए हैं। प्रतिबंध जिन क्षेत्रों में लागू रहेगा उनमें छोटा शिमला से रिज एवं कैनेडी हाउस तक, रेंडेजवॉयस रेस्तरां से रिवोली सिनेमा तक 150 मीटर का क्षेत्र, स्कैंडल प्वाइंट से कालीबाड़ी मंदिर तक, छोटा शिमला गुरुद्वारा से छोटा शिमला-कसुम्पटी लिंक रोड, छोटा शिमला चौक से लोक भवन और ओक ओवर तक, छोटा शिमला गुरुद्वारा से सट्टी सीढ़ियां होते हुए कसुम्पटी मार्ग तक, कार्ट रोड से मजीठा हाउस लिंक रोड, एजी कार्यालय से कार्ट रोड, सीपीडब्ल्यूडी कार्यालय से चौड़ा मैदान तथा उपायुक्त कार्यालय के ऊपर स्थित पुलिस गुमटी से लोअर बाजार की ओर 50 मीटर का क्षेत्र शामिल है।
आदेश के तहत इन स्थानों पर सार्वजनिक बैठकें, जुलूस, रैलियां, धरना-प्रदर्शन, नारेबाजी, बैंड बजाने तथा अपराध की मंशा से हथियार के रूप में इस्तेमाल की जा सकने वाली वस्तुएं साथ ले जाने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।
हालांकि, ड्यूटी पर तैनात पुलिस, अर्धसैनिक बलों और सैन्य कर्मियों को इस आदेश से छूट रहेगी।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि प्रतिबंधित स्थलों पर किसी भी कार्यक्रम के आयोजन के लिए सक्षम प्राधिकारी से पूर्व अनुमति लेना अनिवार्य होगा। आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी।



