शिमला से जारी बयान में पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने हिमाचल प्रदेश सरकार पर एचएएस एवं अलाइड सर्विसेज भर्ती प्रक्रिया में देरी को लेकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जुलाई समाप्त हो चुकी है, लेकिन अब तक भर्ती प्रक्रिया शुरू नहीं की गई है, जबकि प्रदेश के हजारों युवा इसका इंतजार कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि कोविड-19 महामारी जैसे कठिन दौर में भी एचएएस और अलाइड सर्विसेज की भर्ती नियमित रूप से होती रही, क्योंकि प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने के लिए यह भर्ती अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार सेवानिवृत्त अधिकारियों को सेवा विस्तार देने में अधिक रुचि दिखा रही है, जबकि नए अधिकारियों की भर्ती को लेकर गंभीर नहीं है। उन्होंने मुख्यमंत्री से भर्ती प्रक्रिया शीघ्र शुरू करने की मांग की।
जयराम ठाकुर ने आरोप लगाया कि सरकार रोजगार के मुद्दे पर लगातार विरोधाभासी दावे कर रही है। उनके अनुसार, कैबिनेट में नौकरियों की घोषणाएं तो की जाती हैं, लेकिन उन्हें समय पर लागू नहीं किया जाता। उन्होंने कहा कि जिन भर्तियों पर उच्च न्यायालय की निगरानी है, उनमें भी सरकार समय पर स्थिति रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं कर रही है।
उन्होंने जेओए लाइब्रेरी भर्ती का उदाहरण देते हुए कहा कि मार्च 2024 से 771 पदों पर चरणबद्ध भर्ती की योजना बनाई गई थी। इनमें 235 पदों को वित्तीय स्वीकृति भी मिल चुकी थी, लेकिन केवल 78 पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू हुई और वह भी अब तक पूरी नहीं हो सकी। उन्होंने आरोप लगाया कि इस मामले में सरकार उच्च न्यायालय में समय पर स्टेटस रिपोर्ट भी दाखिल नहीं कर सकी, जिस पर अदालत ने कड़ा रुख अपनाया।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि कांग्रेस ने चुनाव के दौरान पांच लाख नौकरियों का वादा किया था, लेकिन सत्ता में आने के बाद अनेक पदों को समाप्त किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि विभिन्न विभागों में एसडीओ, ड्राइवर और चौकीदार सहित कई पद समाप्त किए गए हैं, जबकि युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के बजाय नियुक्तियों में देरी की जा रही है।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सरकार में नियुक्तियों और आउटसोर्स भर्ती प्रक्रियाओं को लेकर पारदर्शिता पर सवाल उठ रहे हैं। उन्होंने सरकार से रोजगार के मुद्दे पर स्पष्ट नीति अपनाने और लंबित भर्ती प्रक्रियाओं को शीघ्र पूरा करने की मांग की।



