11वें राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस के अवसर पर शिमला में आयोजित कार्यक्रम में आयुष मंत्री यादविंद्र गोमा ने घोषणा की कि हिमाचल प्रदेश में आयुर्वेद पद्धति को नए आयाम देने के लिए ‘एम्स आयुर्वेद’ स्थापित करने की प्रक्रिया जारी है। इसके लिए हमीरपुर जिले के धनैटा में 70 एकड़ जमीन चिन्हित की गई है और राज्य सरकार ने अपनी वित्तीय हिस्सेदारी की मंजूरी दे दी है।
आयुष मंत्री ने कहा कि हिमाचल के प्राकृतिक वातावरण और औषधीय संसाधनों को ध्यान में रखते हुए राज्य को वेलनेस पर्यटन के केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। प्रदेश के 1,241 आयुष संस्थानों के माध्यम से जन-जन तक बेहतर चिकित्सा सेवाएं पहुंचाई जा रही हैं, जिसका परिणाम है कि आयुष ओपीडी में आने वाले मरीजों की संख्या में भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इस अवसर पर शिमला के रिज मैदान पर एक भव्य प्रदर्शनी भी आयोजित की गई है, जहाँ लोग पारंपरिक आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धतियों से रूबरू हो रहे हैं।


