हिमाचल में पंचायत चुनाव को लेकर सियासी टकराव

Date:

Share post:

स्वास्थ्य मंत्री डॉ. (कर्नल) धनी राम शांडिल और बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी ने नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि वे 2022 के विधानसभा चुनाव में मिली करारी हार से अभी तक उबर नहीं पाए हैं, इसी कारण वे मीडिया में बने रहने के लिए निराधार बयान दे रहे हैं।

दोनों मंत्रियों ने संयुक्त बयान में कहा कि नेता प्रतिपक्ष हाल ही में हुए पंचायत राज और शहरी स्थानीय निकाय चुनावों के परिणामों को लेकर जनता को गुमराह करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि ये चुनाव पार्टी चिन्ह पर नहीं लड़े गए थे, बावजूद इसके परिणामों में भाजपा समर्थित उम्मीदवारों का प्रदर्शन कमजोर रहा है।

मंत्रियों ने यह भी कहा कि भाजपा के भीतर गुटबाजी चरम पर है और कई नेता एक-दूसरे से आगे निकलने की होड़ में हैं। पार्टी के कई नेता केवल राजनीतिक प्रासंगिकता बनाए रखने के लिए मीडिया में बयान दे रहे हैं।

कांग्रेस सरकार की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए मंत्रियों ने कहा कि राज्य सरकार की जनकल्याणकारी नीतियों के सकारात्मक परिणाम जमीन पर दिखाई दे रहे हैं और इन्हें राष्ट्रीय स्तर पर भी सराहा जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्रों में हिमाचल प्रदेश ने उल्लेखनीय प्रगति की है और राज्य देश के शीर्ष प्रदर्शन करने वाले राज्यों में शामिल हो रहा है।

उन्होंने कहा कि भाजपा नेता वर्तमान सरकार की बढ़ती लोकप्रियता से असहज हैं और उन्हें आगामी विधानसभा चुनावों में हार का भय सता रहा है।

मंत्रियों ने कहा कि कांग्रेस सरकार नारेबाजी नहीं, बल्कि परिणाम देने में विश्वास रखती है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र की भाजपा सरकार ने मनरेगा जैसी महत्वपूर्ण योजनाओं का समर्थन बंद कर दिया, जिससे ग्रामीण गरीब परिवारों पर असर पड़ा है।

उन्होंने बताया कि राज्य में प्रति व्यक्ति आय बढ़कर 2.83 लाख रुपये हो गई है, जो राष्ट्रीय औसत से लगभग 64 हजार रुपये अधिक है। साथ ही दो बिजली मीटर वाले उपभोक्ताओं को 125 यूनिट तक मुफ्त बिजली और अत्यंत गरीब परिवारों को 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली दी जा रही है।

मंत्रियों ने यह भी कहा कि पहले हिमाचल को आरडीजी के तहत मिलने वाली 8,000 से 10,000 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता बंद कर दी गई है, इसके बावजूद राज्य सरकार वित्तीय अनुशासन के साथ आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ रही है।

उन्होंने कहा कि पंचायत और नगर निगम चुनावों के परिणाम भाजपा के दावों की पोल खोल देंगे। साथ ही आरोप लगाया कि पिछली भाजपा सरकार में जनकल्याण को प्राथमिकता नहीं दी गई, जबकि मौजूदा सरकार ‘व्यवस्था परिवर्तन’ के तहत सुधार, नए कानून और भ्रष्टाचार पर रोक के साथ आगे बढ़ रही है।

मंत्रियों ने अंत में कहा कि हिमाचल की जनता भाजपा के “झूठे प्रचार” को समझ चुकी है और नेता प्रतिपक्ष को राज्य के विकास से जुड़े मुद्दों पर ध्यान देना चाहिए।

ग्रीष्मोत्सव में विचारों के महाकुंभ ‘श्यामला मंथन’ में गूंजेगी नई पीढ़ी की आवाज़

Daily News Bulletin

Nurturing Creativity – Keekli Charitable Trust, Shimla

Related articles

Bishop Cotton Soccer Tournament to Conclude with Guest Ranjit Bajaj

The Bishop George Edward Lynch Cotton Memorial All India Inter-School Soccer Tournament 2026, hosted by Bishop Cotton School...

ज्वलंत – कविता

डॉ. कमल के. प्यासा - जीरकपुर (मोहाली) नक्सल घास है, लेकिन शुष्क, उदास है। घिनौनी ओछी गाली है और सर्वनाश है! मात्र उच्चारण...

राष्ट्रगान विवाद, सीएम सुक्खू से माफी की मांग पर अड़ा विपक्ष

नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने विधानसभा में राष्ट्रगान के कथित अपमान को लेकर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू पर...

HP CM Sukhu Addresses Vidhan Sabha, Meets Students and Citizens in Shimla

Chief Minister Thakur Sukhvinder Singh Sukhu addressed the Himachal Pradesh Legislative Assembly during the ongoing Monsoon Session in...