भाषा एवं संस्कृति विभाग, हिमाचल प्रदेश, हिमाचल कला संस्कृति एवं भाषा अकादमी शिमला, गेयटी ड्रामेटिक सोसाइटी शिमला तथा राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय (NSD) रेपर्टरी कंपनी, दिल्ली के संयुक्त तत्वावधान में ‘हिमरंग षष्टि नाट्य उत्सव’ का आयोजन किया जा रहा है। यह आयोजन एनएसडी रेपर्टरी कंपनी की स्थापना के 60 गौरवशाली वर्षों की रंगमंचीय यात्रा को समर्पित है।
यह तीन संस्करणों में हिमाचल प्रदेश के प्रमुख शहरों—कुल्लू, धर्मशाला और शिमला—में आयोजित किया जाएगा। इस अवसर पर एनएसडी रेपर्टरी कंपनी के अध्यक्ष राजेश सिंह तीनों संस्करणों में उपस्थित रहेंगे।
भाषा एवं संस्कृति विभाग की निदेशक रीमा कश्यप ने जानकारी देते हुए बताया कि उत्सव का शुभारंभ 18 जून 2026 को कुल्लू के अटल सदन के अंतरंग सभागार से होगा। यहां एनएसडी रेपर्टरी के कलाकार “माई री मैं कासे कहूं”, 19 जून को “बाबूजी” तथा 20 जून को “ताजमहल का टेंडर” का मंचन करेंगे। उत्सव का दूसरा संस्करण 22 और 23 जून 2026 को धर्मशाला, जिला कांगड़ा स्थित राजकीय महाविद्यालय के सभागार में आयोजित होगा, जहां “ताजमहल का टेंडर” और “बाबूजी” नाटकों का मंचन किया जाएगा।
तीसरा एवं अंतिम संस्करण 26 और 27 जून 2026 को शिमला के ऐतिहासिक गेयटी थिएटर के गौथिक सभागार में आयोजित होगा। यहां कलाकार “माई री मैं कासे कहूं” तथा “अक्स तमाशा” का मंचन करेंगे। यह नाट्य उत्सव हिमाचल में रंगमंचीय परंपरा को नई ऊर्जा देने के साथ-साथ दर्शकों को समकालीन और सशक्त नाट्य प्रस्तुतियों का अनुभव प्रदान करेगा।



