हिमकेयर योजना की जाँच को लेकर उठ रहे सवालों के बीच पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने प्रदेश सरकार की मंशा और विजिलेंस ब्यूरो की भूमिका पर कड़ा प्रहार किया है। उनका कहना है कि जहाँ एक तरफ हाई कोर्ट के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद विजिलेंस ब्यूरो नकली दवाओं के कारोबार और भारी जीएसटी चोरी जैसे संगीन मामले की जाँच से पीछे हट रहा है, वहीं दूसरी तरफ पूर्व सरकार की बेहद लोकप्रिय हिमकेयर योजना को नीचा दिखाने के लिए जाँच का नया नाटक रचा जा रहा है।
जयराम ठाकुर ने तर्क दिया कि यदि 1 जुलाई 2026 को भेजे गए पत्र में विजिलेंस ब्यूरो खुद को पर्याप्त मैनपावर, संसाधनों और डोमेन ज्ञान की कमी के कारण जटिल वित्तीय मामलों की जाँच के लिए असमर्थ बताता है, तो फिर विशेषज्ञ डॉक्टरों द्वारा कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों में दिए जाने वाले इलाज और दवा समीक्षा की क्षमता उनके पास अचानक कहाँ से आ गई? उनका आरोप है कि यह पूरी प्रक्रिया सिर्फ मुख्यमंत्री द्वारा बोले गए बयानों को सही साबित करने के लिए अपनाई जा रही है।
नेता प्रतिपक्ष ने तंज कसते हुए कहा कि राजनीतिक विरोधियों और भाजपा नेताओं पर तुरंत मुकदमे दर्ज कर दबाव बनाने वाली राज्य एजेंसियाँ इतने बड़े संगठित अपराध से आँखें मूँद रही हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि आम जनता की सेहत और जीवन से खिलवाड़ करने वाले नकली दवा माफिया के खिलाफ कार्रवाई करने के बजाय ऐसे मामलों को दबाना ही क्या वर्तमान सुक्खू सरकार का असल ‘व्यवस्था परिवर्तन’ है?
Faith, Tradition, and Harmony – Governor Joins Shimla Ganesh Utsav


