जयराम ठाकुर ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर महिलाओं को किया सम्मानित

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अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर भारतीय जनता पार्टी महिला मोर्चा द्वारा शिमला के कालीबाड़ी में आयोजित कार्यक्रम में नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने शिरकत की। उन्होंने कहा कि देश में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार देश की मातृ शक्ति को समर्पित सरकार है। नारी उत्थान के लिए प्रधानमंत्री पहले दिन से काम कर रहे हैं।

‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ योजना के साथ बेटियों को समान अवसर देने की उनकी पहल का असर आज पूरे देश में दिखाई दे रही है। आज देश की राष्ट्रपति महिला है। देश की वित्त मंत्री जिनके कंधों पर भारत को आर्थिक महा शक्ति बनाने का जिम्मा है वह भी महिला हैं।

देश की राष्ट्रीय राजधानी के मुख्यमंत्री भी महिला है। देश की कैबिनेट में 6 महिला मंत्री हैं। हिमाचल में लोक सभा में चार में एक और राज्य सभा में तीन में से एक सदस्य महिला है। हिमाचल में नारी शक्ति वंदन कानून के तहत ही काम चल रहा है।

जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि आज महिलाएं हर क्षेत्र में आगे हैं और देश का प्रतिनिधित्व कर रही हैं। महिलाओं की इस उपलब्धि के पीछे उनकी मेहनत, लगन और संघर्ष है। मुख्यमंत्री रहते हुए और उसके बाद भी जितने भी कार्यक्रमों में मेरा जाना हुआ हर जगह मैंने बेटियों का ही दबदबा देखा। कई जगह दीक्षांत समारोह में टॉपर की लिस्ट में टॉप टेन में सभी बेटियां ही बेटियां नजर आई।

यह हमारे लिए गर्व का विषय है कि आज बेटियां हर क्षेत्र में ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल कर रही हैं और अपने देश, समाज और परिवार का नाम रोशन कर रही हैं। उनकी उपलब्धि का सबसे बड़ा पहलू यह है कि इसके लिए उन्हें कोई अधिमान देने की आवश्यकता नहीं पड़ी बस उन्हें अवसर दिया गया।

जनसभा को संबोधित करते हुए नेता प्रतिपक्ष ने कुछ यादें भी साझा की कि किस तरह से लोग बेटियों के होने पर उतने खुश नहीं होते जितना होना चाहिए। उन्होंने कहा कि बेटियों के साथ भेदभाव करने वाली सोच को मारने की आवश्यकता है। अपने जीवन में बेटियों का परिवार के प्रति समर्पण और स्नेह अप्रतिम है। बेटियों को पूरा अवसर मिलना चाहिए। इस बात की खुशी है कि समाज बहुत बदल गया है। आज बेटियां हर क्षेत्र में नाम कमा रही हैं

। सोच बदलने से सब कुछ बदलता है। मेरे मुख्यमंत्री रहते हमारी सरकार ने मातृशक्ति के लिए हर संभव काम किया। महिलाओं को अपना व्यापार शुरू करने के लिए स्वावलंबन जैसी योजना में 10% अधिक अनुदान दिया। रसोई को दुआधुंआ मुक्त बनाने के लिए उज्ज्वला योजना के साथ गृहिणी सुरक्षा योजना की शुरुआत की और प्रदेश की चार लाख 80 हजार महिलाओं को निःशुल्क के सिलेंडर दिया गया। हिमाचल देश का पहला धुवां मुक्त प्रदेश बना।

महिलाओं के लिए 50% यात्रा किराए में कटौती की, एक बूटा बेटी के नाम, शगुन जैसी योजना शुरू की जिसके तहत हर बेटी को विवाह के समय ₹31000 की नकद सहायता की जा सके। इसके साथी कन्यादान योजना तहत मिलने वाली अनुदान राशि को 41 हजार रुपए से बढ़कर 51 हजार  रुपए किया। इस मौके पर भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता, तमाम मोर्चों के कार्यकर्ता और पदाधिकारी के साथ विभिन्न क्षेत्रों में विशिष्ट सेवाएं देने वाली महिलाएं भी उपस्थित थी। अपने क्षेत्रों में विशिष्ट उपलब्धि हासिल करने वाली मातृशक्ति को नेता प्रतिपक्ष ने सम्मानित भी किया।

Daily News Bulletin

Nurturing Creativity – Keekli Charitable Trust, Shimla

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