मछुआरों की चिंता दूर करेगी मुख्यमंत्री मछुआरा सम्मान निधि

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मछली प्रजनन और जल संसाधनों के संरक्षण के लिए लगाए जाने वाले वार्षिक मत्स्य आखेट प्रतिबंध के दौरान मछुआरों की आजीविका प्रभावित न हो, इसके लिए प्रदेश सरकार ने मुख्यमंत्री मछुआरा सम्मान निधि योजना शुरू की है। योजना के तहत जलाशय मत्स्य पालन से जुड़े पात्र मछुआरों को बंद अवधि में आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी।

मत्स्य आखेट बंद रहने के समय कई परिवारों की आय का प्रमुख स्रोत अस्थायी रूप से प्रभावित हो जाता है। ऐसे में सरकार प्रत्येक पात्र मछुआरे को प्रतिवर्ष ₹3,500 की वित्तीय सहायता उपलब्ध कराएगी, जिससे उन्हें कठिन समय में आर्थिक संबल मिल सके।

यह योजना पंजीकृत मत्स्य सहकारी समितियों से जुड़े सक्रिय मछुआरों और वैध मत्स्य आखेट लाइसेंस धारकों के लिए लागू होगी। इसके माध्यम से मछुआरों को राहत देने के साथ-साथ सतत मत्स्य प्रबंधन को भी बढ़ावा मिलेगा।

योजना का लाभ लेने के लिए पात्र मछुआरों को संबंधित मत्स्य सहकारी समितियों के माध्यम से आवेदन करना होगा। आवेदन के साथ वैध मत्स्य लाइसेंस, आधार कार्ड, परिवार रजिस्टर विवरण, एनएफडीपी पंजीकरण संख्या और समिति सदस्यता प्रमाण पत्र जैसे दस्तावेज जमा करने होंगे। सत्यापन के बाद सहायता राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में डीबीटी के माध्यम से भेजी जाएगी।

मत्स्य विभाग योजना की निगरानी करेगा और लाभार्थियों के रिकॉर्ड का रखरखाव करते हुए समय-समय पर सत्यापन भी करेगा, ताकि सहायता वास्तविक पात्र मछुआरों तक पहुंच सके।

योजना से प्रदेश के गोबिंद सागर, पौंग डैम, कोल डैम, चमेरा और रणजीत सागर जलाशयों से जुड़े करीब 3,700 मछुआरा परिवारों को हर वर्ष लाभ मिलने की उम्मीद है। इसके कार्यान्वयन पर सरकार लगभग ₹1.20 करोड़ वार्षिक खर्च करेगी।

मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि प्रदेश सरकार समावेशी विकास और समाज के हर वर्ग को सामाजिक सुरक्षा देने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि मछुआरे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और उनके योगदान को देखते हुए यह योजना शुरू की गई है।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री मछुआरा सम्मान निधि योजना से मत्स्य गतिविधियां बंद रहने के दौरान मछुआरा परिवारों को आवश्यक खर्चों के लिए राहत मिलेगी। सरकार मत्स्य क्षेत्र को मजबूत करने, मछुआरों की आय बढ़ाने और जल संसाधनों के सतत उपयोग को बढ़ावा देने के लिए लगातार कदम उठा रही है।

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Nurturing Creativity – Keekli Charitable Trust, Shimla

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