जिला एनकोर्ड (NCORD) समिति की बैठक उपायुक्त शिमला अनुपम कश्यप की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में नशे के बढ़ते खतरे पर चर्चा करते हुए उपायुक्त ने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई में प्रशासन, पुलिस, विभागों, स्वयंसेवी संस्थाओं और आम जनता को एकजुट होकर प्रभावी कदम उठाने होंगे।
बैठक में एक स्वयंसेवी संस्था की प्रतिनिधि ने बताया कि 13-14 वर्ष की उम्र के बच्चे भी सिरिंज के माध्यम से नशे की गिरफ्त में आ रहे हैं। ऐसे मामलों में बच्चों में हेपेटाइटिस जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ रहा है। उन्होंने नशे से प्रभावित बच्चों और उनके अभिभावकों की नियमित काउंसलिंग की आवश्यकता पर जोर दिया।
उपायुक्त ने कहा कि युवा पीढ़ी को नशे से बचाने के लिए सभी स्तरों पर गंभीर प्रयास जरूरी हैं। उन्होंने पुलिस विभाग को नशे के कारोबार में शामिल लोगों की संपत्तियों की जांच में तेजी लाने के निर्देश दिए। साथ ही राजस्व विभाग को ऐसे मामलों में निशानदेही रिपोर्ट तुरंत उपलब्ध करवाने को कहा।
उन्होंने बताया कि अगस्त माह में जिले के सभी नशा मुक्ति केंद्रों का औचक निरीक्षण किया जाएगा। इस दौरान केंद्रों में निर्धारित मानकों, व्यवस्थाओं और सुविधाओं की जांच की जाएगी। निरीक्षण के बाद नशा मुक्ति केंद्रों के संचालकों और संबंधित हितधारकों के लिए विशेष कार्यशाला आयोजित की जाएगी, जिसमें विशेषज्ञ मार्गदर्शन देंगे।
बैठक में जिले में नशे के खिलाफ चल रहे अभियान की समीक्षा की गई। पुलिस विभाग ने मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ की गई कार्रवाई, दर्ज मामलों और विशेष अभियानों की जानकारी दी। वहीं स्वास्थ्य, शिक्षा और समाज कल्याण विभागों ने जागरूकता एवं पुनर्वास कार्यक्रमों की प्रगति से अवगत करवाया।
उपायुक्त ने सभी विभागों को बेहतर समन्वय के साथ अभियान को और प्रभावी बनाने के निर्देश दिए और कहा कि नशा मुक्त समाज के निर्माण के लिए सामूहिक भागीदारी जरूरी है।



