लोक निर्माण एवं शहरी विकास मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने पुराने बस अड्डे, शिमला से शिमला ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न रूटों के लिए 18 नई इलेक्ट्रिक बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। उन्होंने इस महत्वपूर्ण सौगात के लिए मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू और उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री का आभार व्यक्त किया। एचआरटीसी के बेड़े में शामिल की गई 300 नई इलेक्ट्रिक बसों में से शिमला ग्रामीण को कुल 30 बसें आवंटित की गई हैं। दूसरे चरण में शेष 12 ई-बसें जल्द ही सुन्नी से संचालित की जाएंगी। ये ई-बसें सिंगल चार्ज में 150 किलोमीटर तक का सफर तय करेंगी, इसलिए इन्हें मुख्य रूप से स्थानीय और छोटे रूटों पर चलाया जा रहा है। इसके अलावा बुजुर्गों और ग्रामीण यात्रियों की सहूलियत के लिए एचआरटीसी की छोटी टैक्सियों और निजी बस रूटों का भी विस्तार किया जाएगा।
क्षेत्र के समग्र विकास का ब्योरा देते हुए उन्होंने बताया कि शिमला ग्रामीण में पिछले साढ़े तीन वर्षों के दौरान लगभग ₹650 करोड़ के विकास कार्य स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से अधिकतर कार्य पूरे हो चुके हैं या प्रगति पर हैं। मानसून के दौरान यातायात सुचारू रखने के लिए लोक निर्माण विभाग ने अपनी मशीनरी के साथ-साथ निजी मशीनरी भी तैनात की है। बरसात समाप्त होते ही सड़कों की मेटलिंग और टायरिंग का काम प्राथमिकता के आधार पर शुरू किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी से मुलाकात के बाद छैला-यशवंत नगर-नेरीपुल सड़क के अपग्रेडेशन के लिए ₹203 करोड़ और रामपुर की टिककर-ख़माडी सड़क के लिए ₹36 करोड़ की राशि स्वीकृत करवाई गई है, जिस पर शीघ्र निर्माण कार्य शुरू होगा।
यात्रियों की सुविधा के लिए शुरू की गई 18 नई बसों की समय-सारिणी भी निर्धारित कर दी गई है। सुबह के समय शिमला से धामी (वाया गवाही-कोहबाग) सुबह 8:20 बजे, हरिदेवी-सेरी 10:20 बजे और बरेठी 10:30 बजे बसें चलेंगी। दोपहर की सेवाओं में शिमला से खटनोल 12:30 बजे, खटनोल (वाया सुन्नी) 12:40 बजे, चनावग़ (वाया पनोह) 1:30 बजे, धरोगड़ा 2:40 बजे, गवाही 3:20 बजे और डुमेहर 3:35 बजे बसें रवाना होंगी। शाम की सेवाओं के तहत शिमला से जलोग 4:10 बजे, चनावग 4:50 बजे, पनेहडा 5:00 बजे, चेबड़ी 5:10 बजे, अणु 5:15 बजे, नलावन 5:20 बजे, चेवग 5:45 बजे और मलावन के लिए अंतिम बस शाम 7:00 बजे रवाना होगी।



