पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रतिशोध की राजनीति से न मुख्यमंत्री का हित होगा, न प्रदेश का और न ही अधिकारियों का। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार अपनी नाकामियों को छिपाने के लिए भाजपा नेताओं को निशाना बना रही है और अधिकारियों के माध्यम से दबाव बनाने का प्रयास कर रही है।
मीडिया से अनौपचारिक बातचीत में जयराम ठाकुर ने कहा कि राज्यसभा चुनाव में बहुमत होने के बावजूद हार के बाद से सरकार भाजपा नेताओं के खिलाफ कार्रवाई करने में जुटी है। उन्होंने आरोप लगाया कि विजिलेंस जांचों का इस्तेमाल राजनीतिक दबाव बनाने के लिए किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जो भी सरकार के खिलाफ आवाज उठाता है, उसके खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी जाती है।
उन्होंने अधिकारियों को भी सलाह दी कि वे ऐसी राजनीति का हिस्सा न बनें और अपने भविष्य को ऐसी सरकार के साथ न जोड़ें, जिसका जनसमर्थन लगातार कम हो रहा है। उन्होंने कहा कि जनता ने हाल के चुनावों में कांग्रेस को जवाब दिया है और अब अधिकारियों को भी परिस्थितियों को समझना चाहिए।
जयराम ठाकुर ने आरोप लगाया कि सरकार ने कई भाजपा नेताओं और उनके समर्थकों के खिलाफ जांच और मुकदमों के माध्यम से दबाव बनाने का काम किया है। उन्होंने कहा कि विपक्ष की आवाज दबाने के प्रयास सफल नहीं होंगे और भाजपा डरने वाली नहीं है।
उन्होंने मुख्यमंत्री से कथित संपत्ति संबंधी दावों पर भी जवाब मांगा। उन्होंने कहा कि यदि सरकार को लगता है कि किसी संस्था द्वारा जारी रिपोर्ट में तथ्य गलत हैं तो उसे संबंधित संस्था के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए, न कि भाजपा पर आरोप लगाने चाहिए।
‘वंदे मातरम्’ के अपमान के खिलाफ कानून पारित होने पर जयराम ठाकुर ने इसे राष्ट्रीय गौरव का विषय बताया। उन्होंने कहा कि वंदे मातरम् भारत के स्वतंत्रता संग्राम, राष्ट्रभक्ति और बलिदान की भावना का प्रतीक है और इसका सम्मान करना प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। राजनीतिक मतभेदों के बावजूद राष्ट्रीय प्रतीकों का सम्मान बनाए रखना आवश्यक है।



