आज अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद शिमला महानगर द्वारा 73 वें ”राष्ट्रीय विद्यार्थी दिवस” के उपलक्ष्य में बचत भवन डीसी आफिस शिमला में संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस संगोष्ठी में मुख्य अतिथि रवि मेहता ( जिला अध्यक्ष भारतीय जनता पार्टी ) एवं मुख्य वक्ता गौरव अत्री (प्रांत संगठन मंत्री अभाविप)उपस्थित रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्जवलित कर किया गया।

मुख्यातिथि द्वारा अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् की वैचारिक पृष्ठभूमि पर प्रकाश डाला। इसके अतिरिक्त उन्होंने विद्यार्थी परिषद द्वारा समाज हित में किए गए कार्यों की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि अपने स्थापना काल से ही विद्यार्थी परिषद समाज एवं राष्ट्र हित तथा विद्यार्थियों के हितों की आवाज को बुलंद करती आई हैं। समाज को नई दिशा प्रदान करने के लिए विद्यार्थी परिषद यूं ही सक्रिय भूमिका निभाती रहें। मुख्यातिथि ने कहा कि वे भी अपने विद्यार्थी जीवन में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद में सक्रिय रहे हैं। अपने विद्यार्थी जीवन के समय में उन्होंने परिषद के कार्यों एवं संघर्षों का पूरा ब्योरा इस संगोष्ठी में रखा।

मुख्य वक्ता गौरव अत्री ने विद्यार्थी परिषद के इतिहास पर प्रकाश डालते हुए बताया कि परिषद अपने स्थापना काल से लेकर अभी तक छात्र हित और राष्ट्र हित में कार्य करते आई है। विद्यार्थी परिषद का कहना है कि छात्र कल का नहीं आज का नागरिक है। विद्यार्थी परिषद विभिन्न विभिन्न गतिविधियों और आयाम कार्यों के माध्यम से विद्यार्थियों की प्रतिभाओं को निखारने का कार्य करती हैं। जिस प्रकार हम देखते हैं कि कोरोना महामारी के चलते सारी दुनिया धराशाई हुई, लेकिन विद्यार्थी परिषद का काम उस समय भी निरंतर चलता रहा। विद्यार्थी परिषद ने अलग-अलग स्थानों पर हेल्पलाइन के माध्यम से समस्याओं का हल निकालने के लिए निरंतर प्रयास किया और जगह-जगह पर ब्लड डोनेशन कैंप लगाए और फूड पैकेट्स वितरित किए। मुख्य वक्ता ने बताया कि विद्यालय, महाविद्यालय बंद होने के कारण जिस प्रकार बच्चे घरों में शिक्षा से वंचित होते जा रहे थे, उन्हें शिक्षा से वंचित होने से बचाने के लिए विद्यार्थी परिषद ने परिषद की पाठशाला का आयोजन कर उन्हें पढ़ाने का सफ़ल प्रयास किया।

नगर अध्यक्ष सूरज जमाल्टा ने कहा कि विद्यार्थी परिषद के स्थापना काल से आज तक की समाजिक भूमिका का संक्षेप वर्णन किया। विद्यार्थी परिषद के सेवा कार्यों एवं कोरोना काल में विद्यार्थी परिषद की भूमिका एवं उनके कार्यों का ब्योरा रखा। जहां कहीं भी अस्पतालों में रक्त की आवश्यकता होती थी वहां रक्तदान शिविर का आयोजन कर रक्तापूर्ति की। कोरोना काल में जहां भोजन की आवश्यकता होती थी वहां विद्यार्थी परिषद ने भोजन उपलब्ध करवाया।

नगर सह मंत्री कमल ठाकुर ने कहा कि विद्यार्थी परिषद द्वारा वस्त्र वितरण , भोजन वितरण , रक्तदान शिविर , मैडिकल सेवाएं , शैक्षणिक सत्र में आनलाइन शिक्षा छात्रों को उपलब्ध विद्यार्थी परिषद द्वारा कराई गई।
इसके अतिरिक्त विद्यार्थी परिषद वर्ष भर शैक्षणिक एवं सामाजिक अनेक प्रकार के कार्यक्रम समाज हितों के लिए आयोजित करता है। विश्व के सबसे बड़े छात्र संगठन होने के नाते आज के समय में विद्यार्थी परिषद हर क्षेत्र में अपना योगदान दे रहा है।

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