मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने वित्त विभाग की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में राज्य की वित्तीय स्थिति का आकलन करते हुए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि वेतन स्थगन संबंधी अधिसूचना अब केवल मुख्यमंत्री पर ही लागू रहेगी, जबकि अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए इसे वापस लिया जाएगा। साथ ही, स्थगित वेतन की राशि अगले महीने पूर्ण वेतन के साथ जारी की जाएगी।
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की व्यावहारिक नीतियों और वित्तीय प्रबंधन के कारण हिमाचल प्रदेश की आर्थिक स्थिति में उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया गया है। उन्होंने दावा किया कि पिछली सरकार की नीतियों में सुधार और भ्रष्टाचार की संभावनाओं पर अंकुश लगाने से वित्तीय व्यवस्था अधिक सुदृढ़ हुई है तथा प्रदेश आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
मुख्यमंत्री ने वित्त विभाग को 65 से 70 वर्ष आयु वर्ग के सभी पेंशनभोगियों के लंबित एरियर अगले महीने जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने आश्वासन दिया कि इसके लिए आवश्यक धनराशि राज्य सरकार उपलब्ध कराएगी ताकि पात्र पेंशनरों को समय पर लाभ मिल सके।
कर्मचारियों के लंबित एरियर और महंगाई भत्ते के मुद्दे पर चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी कर्मचारी राज्य व्यवस्था की आधारशिला हैं और उनकी सामाजिक व आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों के हित में वर्तमान सरकार ने पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) को बहाल किया है।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि ओपीएस लागू करने के बाद केंद्र सरकार ने राज्य को मिलने वाली लगभग 1,200 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता रोक दी। उनके अनुसार यदि यह सहायता जारी रहती, तो कर्मचारियों के लंबित एरियर का भुगतान करना अधिक आसान होता। इसके बावजूद राज्य सरकार कर्मचारियों की मांगों पर सकारात्मक और सहानुभूतिपूर्ण दृष्टिकोण अपनाए हुए है।



