राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता ने कहा कि सरदार वल्लभभाई पटेल केवल भारत के राजनीतिक एकीकरण के शिल्पकार ही नहीं, बल्कि मजबूत संघीय व्यवस्था के भी समर्थक थे। उन्होंने कहा कि भारत की विविधता ही उसकी सबसे बड़ी शक्ति है।
वे भारतीय उच्च अध्ययन संस्थान (IIAS), शिमला में आयोजित ‘सरदार पटेल की दृष्टि: एकीकरण, एकात्मता और संघवाद’ विषयक अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी और ‘वंदे मातरम् की यात्रा’ प्रदर्शनी के उद्घाटन समारोह को संबोधित कर रहे थे।
खराब मौसम के कारण उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन कार्यक्रम में शामिल नहीं हो सके और उन्होंने वीडियो संदेश के माध्यम से अपने विचार साझा किए।
राज्यपाल ने कहा कि ‘वंदे मातरम्’ स्वतंत्रता संग्राम की प्रेरणा रहा, जबकि सरदार पटेल ने 560 से अधिक रियासतों का विलय कर अखंड भारत की नींव रखी। उन्होंने स्टैच्यू ऑफ यूनिटी को सरदार पटेल के योगदान और ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की भावना का प्रतीक बताया।
इस अवसर पर राज्यपाल ने ‘वंदे मातरम्’ पर आधारित कॉफी टेबल बुक, ‘दर्शन ऑफ राधाकृष्णन: इटरनल एंड टेम्पोरल’ संगोष्ठी की कार्यवाही तथा डॉ. एस. राधाकृष्णन पर आधारित बहुभाषी कविता संग्रह का विमोचन किया। उन्होंने ‘वंदे मातरम् की यात्रा’ प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया।
कार्यक्रम में भारतीय उच्च अध्ययन संस्थान की अध्यक्ष प्रो. शशि प्रभा कुमार, ऑर्गेनाइजर वीकली के संपादक प्रफुल्ल केतकर और संस्थान के निदेशक प्रो. हिमांशु कुमार चतुर्वेदी ने भी अपने विचार व्यक्त किए।



