शिमला के कुफरी स्थित हिप हिप हुरले में शेमरॉक रोजेज प्ले स्कूल कच्चीघाटी द्वारा मदर्स डे का रंगारंग और भावनात्मक आयोजन किया गया। मां और बच्चों के अटूट रिश्ते को समर्पित इस कार्यक्रम में प्यार, अपनापन और खुशियों से भरे कई यादगार पल देखने को मिले। कार्यक्रम के दौरान नन्हे बच्चों ने अपनी माताओं को गिफ्ट्स देकर उन्हें खास महसूस करवाया। बच्चों की मासूम अदाओं और माताओं के चेहरों पर खिली मुस्कान ने पूरे माहौल को भावुक और आनंदमयी बना दिया।
स्कूल की प्रधानाचार्य प्रीति चुट्टानी ने कहा कि मां और बच्चे का रिश्ता दुनिया का सबसे अनमोल रिश्ता है। मां का प्रेम त्याग, समर्पण और निस्वार्थ भाव से भरा होता है, जो हर परिस्थिति में अपने बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए समर्पित रहती है। उन्होंने कहा कि मदर्स डे बच्चों को अपनी माताओं के प्रति प्रेम, सम्मान और आभार व्यक्त करने का विशेष अवसर देता है। उन्होंने बताया कि हर वर्ष मई के दूसरे रविवार को मदर्स डे मनाया जाता है। इस दिन बच्चे अपनी माताओं को उपहार देकर और शुभकामनाएं देकर उनके प्रति अपने स्नेह का इजहार करते हैं।
प्रधानाचार्य ने मदर्स डे के इतिहास पर भी प्रकाश डालते हुए बताया कि इसकी शुरुआत प्राचीन यूनान और रोम सभ्यताओं से मानी जाती है, जहां मातृ देवियों के सम्मान में उत्सव आयोजित किए जाते थे। आधुनिक मदर्स डे की शुरुआत अन्ना जार्विस के प्रयासों से हुई, जिन्होंने 1908 में पहला आधिकारिक मदर्स डे समारोह आयोजित किया था। बाद में 1914 में अमेरिका में इसे राष्ट्रीय अवकाश घोषित किया गया। कुफरी में आयोजित इस खास समारोह ने मां-बच्चे के रिश्ते की मिठास और ममता की भावनाओं को खूबसूरती से जीवंत कर दिया।












