शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने शिक्षा निदेशालय में आयोजित समीक्षा बैठक में प्रदेश के विद्यालयों में चल रहे विकास कार्यों, शैक्षणिक गुणवत्ता, रिक्त पदों, परीक्षा परिणामों और विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। बैठक में शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी एवं सभी जिला उपनिदेशक उपस्थित रहे।
शिक्षा मंत्री ने लंबित स्कूल निर्माण कार्यों में तेजी लाने के निर्देश देते हुए कहा कि लोक निर्माण विभाग के साथ जल्द बैठक कर अटके हुए कार्यों की समीक्षा की जाएगी। उन्होंने सभी जिलों से स्वीकृत लेकिन शुरू न हुए कार्यों की रिपोर्ट मांगी और अगले माह फिर विकास कार्यों की प्रगति की समीक्षा करने के निर्देश दिए। छोटे निर्माण कार्यों को गति देने के लिए पांच लाख रुपये तक के सिविल कार्य विद्यालय प्रबंधन समितियों (एसएमसी) के माध्यम से करवाने का निर्णय लिया गया।
उन्होंने बताया कि श्रीनिवास रामानुजन स्टूडेंट डिजिटल योजना के तहत 9,359 विद्यार्थी लाभार्थी हैं। इनमें से 3,089 विद्यार्थियों के खातों में 16 हजार रुपये प्रति विद्यार्थी की राशि भेजी जा चुकी है, जबकि शेष 6,270 विद्यार्थियों को 15 अगस्त से पहले डीबीटी के माध्यम से राशि उपलब्ध करवाई जाएगी।
कम परीक्षा परिणाम वाले विद्यालयों की समीक्षा करते हुए शिक्षा मंत्री ने निर्देश दिए कि 25 प्रतिशत से कम परिणाम वाले स्कूलों का जिला उपनिदेशक निरीक्षण कर सुधारात्मक योजना तैयार करें। उन्होंने बताया कि खराब परिणाम वाले 123 मामलों में विभागीय कार्रवाई जारी है।
शिक्षा मंत्री ने कठिन एवं जनजातीय क्षेत्रों में शिक्षकों के रिक्त पद भरने के लिए विशेष योजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि 576 शिक्षकों के पद भरने की प्रक्रिया चल रही है। साथ ही लंबित पदोन्नति मामलों को शीघ्र निपटाने और विद्यालयों में रोजगारोन्मुखी शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए नए कौशल आधारित पाठ्यक्रम विकसित करने को कहा।
समग्र शिक्षा एवं पीडीएनए के तहत जारी 82.37 करोड़ रुपये के कार्यों की समीक्षा करते हुए उन्होंने लंबित परियोजनाओं में तेजी लाने के निर्देश दिए। समेज क्षेत्र में आपदा से क्षतिग्रस्त विद्यालय के निर्माण में देरी पर नाराजगी जताते हुए तीन दिन के भीतर निरीक्षण कर कार्य शुरू करने को कहा।
बैठक में वर्ष 2027 से बोर्ड कक्षाओं को छोड़कर अन्य कक्षाओं की वार्षिक परीक्षाएं दिसंबर में आयोजित करने और जनवरी से नया शैक्षणिक सत्र शुरू करने की दिशा में योजना तैयार करने पर भी चर्चा हुई।
विद्यालय निरीक्षण प्रणाली को मजबूत करने, शिक्षकों के युक्तिकरण और खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए भी कई निर्णय लिए गए। कम छात्र संख्या वाले विद्यालयों से अतिरिक्त शिक्षकों को जरूरत वाले स्कूलों में भेजा जाएगा। खेल गतिविधियों के लिए 13 करोड़ रुपये से रिवॉल्विंग फंड स्थापित किया जाएगा।
इस अवसर पर शिक्षा विभाग के आधुनिक स्पोर्ट्स वेब पोर्टल का शुभारंभ किया गया, जिसके माध्यम से खेल प्रतियोगिताओं, खिलाड़ियों के डाटाबेस, ऑनलाइन प्रमाणपत्र और गतिविधियों की निगरानी की सुविधा उपलब्ध होगी।
शिक्षा मंत्री ने स्पष्ट किया कि विद्यार्थियों की सुरक्षा, वित्तीय पारदर्शिता और प्रशासनिक अनुशासन से जुड़े मामलों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी तथा दोषियों पर नियमानुसार कार्रवाई होगी।



