जिला प्रशासन ने कानून-व्यवस्था और जनसुरक्षा को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से शिमला जिले में आने वाले सभी प्रवासी श्रमिकों, ठेकेदारों और व्यवसायियों के लिए नया सुरक्षा फरमान जारी किया है। जिला दंडाधिकारी अनुपम कश्यप द्वारा भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) तथा भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत जारी आदेशों के अनुसार, अब किसी भी प्रवासी श्रमिक को काम पर रखने या स्वरोजगार शुरू करने से पहले पुलिस सत्यापन (Police Verification) कराना अनिवार्य होगा।
जारी दिशानिर्देशों के तहत कोई भी नियोक्ता, ठेकेदार या व्यापारी किसी भी प्रवासी श्रमिक को औपचारिक या अनौपचारिक कार्य, सेवा या अनुबंध पर तब तक तैनात नहीं कर सकता, जब तक उसकी पासपोर्ट साइज फोटो और व्यक्तिगत जानकारी संबंधित पुलिस थाने में दर्ज करवाकर पूर्ववृत्त का सत्यापन न कर लिया जाए। इसके अतिरिक्त, जिला में स्वरोजगार या किसी भी प्रकार का अनौपचारिक व्यवसाय शुरू करने वाले प्रत्येक बाहरी व्यक्ति के लिए भी अपने कार्यक्षेत्र के पुलिस स्टेशन में अपने आगमन का उद्देश्य और पूर्ण विवरण दर्ज कराना अनिवार्य किया गया है।
जिला दंडाधिकारी ने चेतावनी दी है कि इन नियमों की अनदेखी करने वाले प्रवासी श्रमिकों और उन्हें बिना सत्यापन काम पर रखने वाले नियोक्ताओं के खिलाफ ‘भारतीय न्याय संहिता, 2023’ की धारा 223 के तहत सख्त दंडात्मक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। यह आदेश तत्काल प्रभाव से 1 अक्टूबर 2026 से लागू कर दिया गया है और 30 नवंबर 2026 तक प्रभाव में रहेगा।
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