शिमला में टाकरी लिपि व संस्कृत भाषा प्रशिक्षण कार्यशाला शुरू, जानें पूरी जानकारी

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भाषा एवं संस्कृति विभाग प्रदेश के साहित्य, कला एवं संस्कृति के उन्नयन के लिए सदैव प्रयासरत है। इसी उद्देश्य की पूर्ति हेतु विभाग प्रदेश की अनेकों गतिविधियों का आयोजन समय-समय पर आयोजित करवाता रहा है। इसी कड़ी में विभाग द्वारा आज दिनांक 1 अप्रैल, 2025 को ऐतिहासिक गेएटि थिएटर के सम्मेलन कक्ष में टाकरी लिपि वह प्रदेश की द्वितीय राजभाषा संस्कृत भाषा के मूलभूत ज्ञान देने हेतु त्रैमासिक प्रशिक्षण कार्यशाला का शुभारंभ डॉ पंकज ललित निदेशक भाषा एवं संस्कृति विभाग द्वारा दीप प्रज्वलन करके किया गया ।

टाकरी लिपि का प्रशिक्षण डॉ किशोरी लाल चंदेल सहायक प्रोफेसर (इतिहास) तथा संस्कृत भाषा का प्रशिक्षण डॉ मस्तराम शर्मा, सेवानिवृत संयुक्त निदेशक एवं पूर्व सचिव संस्कृत अकादमी द्वारा दिया जाएगा। यह त्रैमासिक कार्यशाला प्रतिदिन सांय 5:30 बजे से सांय 6:30 तक आयोजित होगी। टाकरी लिपि पर प्रशिक्षण सोमवार से बुधवार व संस्कृत भाषा का प्रशिक्षण वीरवार से शनिवार को दिया जाएगा।

विभाग के निदेशक महोदय ने अवगत करवाया कि यह कार्यशाला ऑनलाइन व ऑफलाइन दोनों तरह से रहेगी जिसमें ऑनलाइन लगभग 170 व ऑफलाइन लगभग 40 छात्र-छात्राएं शोधार्थी व बुद्धिजीवी भाग ले रहे हैं और यह भी संभावना व्यक्त की आने वाले दिनों में यह संख्या बढ़ेगी। उन्होंने अपने संबोधन में अधिक से अधिक छात्र-छात्राओं शोधार्थियों व इसमें रुचि रखने वाले बुद्धिजीवियों को जुड़ने का आग्रह किया विभाग की ओर से संयुक्त निदेशक श्री मंजीत शर्मा एवं श्रीमती कुसुम संघाईक व सहायक निदेशक सुरेश राणा भी मौजूद रहे ।

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