मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू द्वारा 15 नवंबर, 2025 से शुरू किए गए राज्यव्यापी ‘चिट्टा-मुक्त हिमाचल’ अभियान के तहत पुलिस विभाग की स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) प्रदेशभर में नशा तस्करी के खिलाफ लगातार अभियान चला रही है।
पुलिस विभाग के प्रवक्ता ने बताया कि 11 जुलाई, 2026 को ऊना जिले के अम्ब क्षेत्र में गश्त के दौरान एसटीएफ को मुबारिकपुर में चिट्टा/हेरोइन की तस्करी की सूचना मिली। सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए टीम ने दो संदिग्धों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 60.45 ग्राम चिट्टा/हेरोइन बरामद किया। इस संबंध में पुलिस थाना अम्ब में एनडीपीएस अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है।
उन्होंने बताया कि मामले की जांच के दौरान मिले बैकवर्ड लिंकेज के आधार पर 12 जुलाई, 2026 को तलवाड़ा गांव स्थित दो व्यक्तियों के घरों में तलाशी ली गई, जहां से 17.14 ग्राम चिट्टा/हेरोइन बरामद हुई। दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की गई है। पुलिस मादक पदार्थ के स्रोत, आपूर्ति श्रृंखला, वित्तीय लेन-देन तथा इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की गहन जांच कर रही है।
एक अन्य कार्रवाई में 12 जुलाई, 2026 को एसटीएफ की मंडी टीम ने नियमित जांच के दौरान मनाली-हरिद्वार मार्ग पर चल रही एक वोल्वो बस की तलाशी ली। बस में यात्रा कर रहे हरियाणा के एक व्यक्ति के कब्जे से 2.006 किलोग्राम चरस बरामद की गई। इस संबंध में एसटीएफ के नवस्थापित पुलिस थाना मंडी में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस इस मामले में भी मादक पदार्थ के स्रोत, तस्करी नेटवर्क, वित्तीय लेन-देन और अन्य आरोपियों की संलिप्तता का पता लगाने में जुटी है।
प्रवक्ता ने कहा कि एसटीएफ का उद्देश्य नशा तस्करी पर प्रभावी अंकुश लगाने के साथ-साथ युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाना और समाज में जागरूकता बढ़ाना है।
उन्होंने लोगों से अपील की कि चिट्टा या अन्य मादक पदार्थों से जुड़ी किसी भी सूचना की जानकारी 112 या निकटतम पुलिस थाने को दें। सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।



