मुख्यमंत्री सुखाश्रय योजना बेसहारा और अनाथ बच्चों को सुरक्षित, सम्मानजनक और आत्मनिर्भर जीवन की दिशा में आगे बढ़ाने का माध्यम बन रही है। योजना के तहत ‘चिल्ड्रन ऑफ द स्टेट’ को आर्थिक सहायता के साथ आवास जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध करवाई जा रही हैं।
शिमला जिले में योजना के अंतर्गत 29 बच्चों के लिए स्थायी आवास निर्माण कार्य जारी है। इसी कड़ी में उपायुक्त शिमला अनुपम कश्यप ने शिमला ग्रामीण क्षेत्र की ग्राम पंचायत जनोल के कियाना गांव में लाभार्थी रोहित के निर्माणाधीन मकान का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को कार्य को गुणवत्ता के साथ निर्धारित समय में पूरा करने के निर्देश दिए।
कम उम्र में माता-पिता को खोने वाले रोहित के लिए मुख्यमंत्री सुखाश्रय योजना नई उम्मीद बनकर आई। वर्ष 2023 में उन्हें ‘चिल्ड्रन ऑफ द स्टेट’ का दर्जा मिला और मासिक आर्थिक सहायता के साथ घर निर्माण के लिए तीन लाख रुपये की सहायता स्वीकृत की गई।
योजना से मिली सहायता से रोहित अपना पक्का मकान तैयार कर रहे हैं, जिसमें कमरे, रसोई और स्नानघर की सुविधा होगी। मकान का लैंटर पूरा हो चुका है और जल्द ही निर्माण कार्य पूरा होने की उम्मीद है।
उपायुक्त अनुपम कश्यप ने कहा कि सुखाश्रय योजना केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि जरूरतमंद बच्चों को आत्मनिर्भर बनाने का संवेदनशील प्रयास है। उन्होंने कहा कि प्रशासन योजना के तहत चल रहे कार्यों की नियमित निगरानी कर रहा है, ताकि लाभार्थियों को सभी सुविधाएं समय पर मिल सकें।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिले में निर्माणाधीन आवासों की नियमित समीक्षा की जाए और प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए। रोहित ने मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू और जिला प्रशासन का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सुखाश्रय योजना ने उनके जीवन में नई आशा जगाई है और अपने घर का सपना पूरा करने में मदद की है।



