March 14, 2026

Tag: नदी की आवाज़

spot_imgspot_img

नदी: डॉ. कमल के. प्यासा

नदी हूं मैंमुझे बस स्वछंद हीबहने दो,मस्ती में इधर उधरखूब मचलने दो,जन जन की प्यास बुझाने दो,मत रोकोजैसे तैसे बस जाने दो...

Nurturing Creativity – Keekli Charitable Trust, Shimla